Garhwa Unique Village: कल्पना कीजिए एक ऐसे गांव की, जिसकी पहचान किसी मंदिर, ऐतिहासिक इमारत या पैदावार से नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े वीडियो प्लेटफॉर्म के नाम से होने लगे. गढ़वा जिले के रंका प्रखंड की विश्रामपुर पंचायत में स्थित एक छोटा सा गांव इन दिनों इंटरनेट की दुनिया में मिस्ट्री बना हुआ है. इस गांव का असली नाम बहाहारा है, लेकिन आज इसे इसके सरकारी नाम से कम और एक नए डिजिटल टैग से ज्यादा जाना जा रहा है.

सड़क के एक घुमावदार मोड़ पर पहुंचने ही आपको बड़े-बड़े अक्षरों में एक बोर्ड दिखेगा, जिस पर लिखा है- यूट्यूब मोड़ (YouTube Mod). जी हां, जिस गांव में न कोई बड़ा सेलिब्रिटी रहता है और न ही कोई हाई-फाई शूटिंग स्टूडियो है, उसे अब पूरा इलाका ‘यूट्यूब वाला गांव’ कहने लगा है.
‘कानी मोड़’ से ‘यूट्यूब मोड़’ तक का सफर
दरअसल, सस्पेंस यह नहीं है कि यहां कोई बड़ी फिल्म बन रही है, बल्कि सस्पेंस इसके नामकरण के पीछे का स्वैग है. करीब 4-5 साल पहले तक इस जगह को स्थानीय लोग ‘कानी मोड़’ के नाम से पुकारते थे. यह नाम पुराना था और इसमें कोई आकर्षण नहीं था.
जैसे ही गांव के युवाओं के हाथों में स्मार्टफोन और सस्ता इंटरनेट पहुंचा, उन्होंने इस खूबसूरत घुमावदार सड़क की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर डालने शुरू कर दिए. देखते ही देखते यह जगह इंटरनेट पर इतनी वायरल हुई कि युवाओं ने इसका नाम बदलकर यूट्यूब मोड़ रख दिया. आज आलम यह है कि यह कोई सरकारी नाम न होने के बावजूद सबकी जुबान पर चढ़ चुका है.
बिना कंटेंट क्रिएटर के वायरल गांव
हैरानी की बात यह है कि जब आप इस गांव के भीतर जाएंगे, तो आपको वहां कोई प्रोफेशनल व्लॉगर या कंटेंट क्रिएटर नजर नहीं आएगा. गांव वालों का कहना है कि यह नाम सिर्फ इसलिए पड़ा क्योंकि इंटरनेट ने इस गुमनाम मोड़ को पहचान दिलाई. अब राहगीर यहाँ से गुजरते हैं तो बोर्ड देखकर अपनी गाड़ियां रोक लेते हैं और मोबाइल निकालकर रील या वीडियो बनाने लगते हैं.
यह छोटा सा गांव इस बात का जीवंत उदाहरण है कि कैसे आज की डिजिटल दुनिया किसी साधारण सी सड़क को भी एक लैंडमार्क बना सकती है. गांव वाले भी अपनी इस नई पहचान और चेहरे पर आने वाली मुस्कुराहट से काफी खुश हैं.





