नोएडा के विभिन्न औद्योगिक इलाकों में सोमवार (13 अप्रैल 2026) को न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर मजदूरों का प्रदर्शन उग्र हो गया. मजदूरों ने सड़कें जाम कीं, कुछ जगहों पर पथराव किया और वाहनों में आग तक लगा दी. पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े. इस दौरान दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर ट्रैफिक बुरी तरह जाम रहा. अब दिल्ली सरकार से 2026 की नई न्यूनतम मजदूरी दरें घोषित करने की मांग उठी है.

यहां आपको बता दें कि नोएडा में हुआ यह प्रदर्शन हरियाणा सरकार के द्वारा 1 अप्रैल 2026 से न्यूनतम मजदूरी में करीब 35 प्रतिशत बढ़ोतरी करने के फैसले के बाद और भड़का है. नोएडा के मजदूर अब पड़ोसी राज्य हरियाणा की बढ़ोतरी का हवाला देते हुए अपने लिए भी समान बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे.
वहीं इसी बीच नेशनल कैंपेन कमेटी फॉर इरेडिकेशन ऑफ बॉन्डेड लेबर ने भी दिल्ली सरकार से 2026 की नई न्यूनतम मजदूरी दरें तुरंत घोषित करने की मांग करते हुए कमेटी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री, श्रम मंत्री, श्रम सचिव और प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है.
इस पत्र में कहा गया है कि हर साल की तरह इस बार भी एक अप्रैल तक नई दरों की घोषणा हो जानी चाहिए थी. संगठन ने लिखा, “दिल्ली में काम करने वाले दिहाड़ी और प्रवासी मजदूर अक्सर एक जगह से दूसरी जगह चले जाते हैं. अगर नई मजदूरी दरें समय पर घोषित नहीं हुईं तो उन्हें बढ़े हुए वेतन का फायदा नहीं मिल पाएगा. इसलिए 2026 की नई न्यूनतम मजदूरी दरों की घोषणा दिल्ली सरकार द्वारा तुरंत कर दी जाए.”
कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट के 1992 के फैसले (Secretary vs. Management of Reptakos Brett. And Co. Ltd.) का हवाला देते हुए मांग की गई है कि मजदूरी तय करते समय उसमें दिए गए दिशानिर्देशों को आधार बनाया जाए, ताकि असंगठित और प्रवासी मजदूरों को उनका हक मिल सके.
नेशनल कैंपेन कमेटी ने दिल्ली सरकार से अपील की है कि मजदूरों की इस जायज मांग को गंभीरता से लिया जाए और जल्द से जल्द नई दरों की घोषणा कर दी जाए, ताकि हजारों गरीब मजदूरों को समय पर राहत मिल सके.





