UP Property: दिवाली से पहले उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ी सौगात मिली है। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने राज्य के आठ जिलों में 17 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन प्रोजेक्ट्स पर करीब 4,844 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इनके पूरा होने पर 5,726 से अधिक आवासीय और व्यावसायिक यूनिट तैयार होंगी। इससे जहां घर खरीदने वालों को नए विकल्प मिलेंगे, वहीं प्रदेश में रियल एस्टेट कारोबार को भी गति मिलने की उम्मीद है।

यूपी रेरा की ओर से मंगलवार को जारी जानकारी के मुताबिक, इन परियोजनाओं को प्राधिकरण की 217वीं, 218वीं और 219वीं बैठकों में मंजूरी दी गई। ये बैठकें रेरा मुख्यालय में आयोजित हुई थीं। जिन आठ जिलों में नए प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिली है, उनमें लखनऊ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, कानपुर, मेरठ, अयोध्या, फिरोजाबाद और मुरादाबाद शामिल हैं।
लखनऊ में सबसे ज्यादा 9 परियोजनाओं को मंजूरी
नई परियोजनाओं में सबसे बड़ा हिस्सा राजधानी लखनऊ का है। यहां कुल नौ प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है। इनमें छह आवासीय, एक मिक्स्ड यूज और दो व्यावसायिक परियोजनाएं शामिल हैं। इन पर करीब 2,203.27 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन परियोजनाओं के तहत कुल 3,031 यूनिट विकसित की जाएंगी। गाजियाबाद में 943.28 करोड़ रुपये के निवेश वाली दो आवासीय परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनके जरिए 1,016 यूनिट तैयार होंगी। वहीं, गौतम बुद्ध नगर में 940.43 करोड़ रुपये की लागत वाली एक मिक्स्ड यूज परियोजना को स्वीकृति मिली है। इसमें कुल 456 यूनिट विकसित की जाएंगी।
कानपुर और मेरठ में भी नए प्रोजेक्ट
प्रदेश के दूसरे शहरों में भी रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। कानपुर में 524.66 करोड़ रुपये की एक आवासीय परियोजना को हरी झंडी दी गई है, जिसके तहत 597 यूनिट बनाई जाएंगी। मेरठ में 194.28 करोड़ रुपये के निवेश से 313 यूनिट विकसित होंगी। इसके अलावा अयोध्या, फिरोजाबाद और मुरादाबाद में भी नए आवासीय प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है। अयोध्या में 26.61 करोड़ रुपये की लागत से 159 यूनिट, फिरोजाबाद में 10.87 करोड़ रुपये के निवेश से 48 यूनिट और मुरादाबाद में 1.03 करोड़ रुपये की लागत से 12 यूनिट तैयार की जाएंगी।
घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा पर जोर
यूपी रेरा के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने कहा कि परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों का समय पर निस्तारण और उनके निर्माण कार्य की नियमित निगरानी बेहद जरूरी है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सभी प्रोजेक्ट तय समय और निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की प्राथमिकता घर खरीदारों को सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल देना है। इसके साथ ही बिल्डरों और डेवलपर्स को भी नियमों के दायरे में रहकर परियोजनाओं का विकास करना होगा। नई मंजूरियों से प्रदेश में आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।