अयोध्या में राम मंदिर के साथ अपने लगातार जुड़ाव को आगे बढ़ाते हुए, ITC मंगलदीप एक नई पहल ‘हर भक्त श्री राम तक’ की शुरुआत कर रहा है, जिसमें तकनीक और सामूहिक आस्था को एक साथ लाया जा रहा है. मंगलदीप दीपोत्सव कार्यक्रम, ‘हर भक्त श्री राम तक’ का आयोजन शनिवार को आयोजित कर रहा है.

इस अनोखे कार्यक्रम का मकसद दृष्टिबाधित भक्तों के लिए भक्ति को अधिक व्यवस्थित और सुलभ बनाना है. यह अद्भुत सोच मंगलदीप की ‘सिक्स्थ सेंस’ पहल से प्रेरित है, जो दृष्टिबाधित लोगों को बिना देखे ही दुनिया का अनुभव कराने में मदद करती है. साथ ही राम मंदिर में एक ऐसा रास्ता बनाने के सामूहिक प्रयास में अपना योगदान देती है, जिसे छूकर महसूस किया जा सके और जो ब्रेललिपि से युक्त हो. इससे दृष्टिबाधित भक्तों को अधिक आसानी और आजादी के साथ भगवान का दर्शन करने में मदद मिलेगी. इसी सोच को भक्ति के क्षेत्र में विस्तार देते हुए, मंगलदीप ने ‘राम सेतु’ से प्रेरित डिजिटल पहल की है.
भगवान राम के दर्शन को सुलभ बनाना मकसद
इस पहल के तहत, मंगलदीप राम मंदिर में खास तरीके से बनने वाले ब्रेलयुक्त रेलिंग वाले रास्ते के निर्माण में सहयोग कर रहा है. इसका मकसद दृष्टिबाधित भक्तों के लिए भगवान राम के दर्शन को सुलभ बनाना है. ‘राम सेतु’ की भावना से प्रेरित होकर, यह पहल देश भर के भक्तों को एक सामूहिक प्रतीकात्मक योगदान के जरिए एक साथ लाती है.
‘हर भक्त श्री राम तक’ का आयोजन शनिवार को किया जा रहा है. सुबह 8 अयोध्या में दृष्टिबाधित भक्तों का आगमन होगा. फिर 9 बजे ‘राम सेतु’ पाथवे का उद्घाटन किया जाएगा. साथ ही इस दौरान ब्रेलयुक्त रेलिंग का उद्घाटन समारोह का आयोजन होगा. 9 से 11 बजे तक राम लला के दर्शन से जुड़े अनुभव के बारे में जानकारी ली जाएगी. इसके लिए राम मंदिर में दर्शन करने वाले दृष्टिबाधित भक्तों से बात की जाएगी.
फिर दोपहर बाद 3 बजे से शाम 6 बजे तक ‘राम की पैड़ी’ पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन होगा. दीपोत्सव समारोह के हिस्से के रूप में दृष्टिबाधित प्रतिभागियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया जाएगा.
शाम 6 से साढ़े 6 बजे तक दीपोत्सव दीया प्रज्ज्वलन समारोह होगा. इस खास दीया प्रज्ज्वलन समारोह में दृष्टिबाधित श्रद्धालु शामिल होंगे. शाम 7 बजे से 7:30 बजे तक कार्यक्रम का समापन समारोह होगा और इस दौरान और प्रतिभागियों की ओर से अपने विचार रखे जाएंगे.