Wednesday, April 15, 2026
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शरिया के इस कानून से UAE का कर्ज चुकाएगा पाकिस्तान? जानिए सुकुक बॉन्ड के बारे में

पाकिस्तान की सरकार ने संयुक्त अरब अमीरात को कर्ज चुकाने की तैयारी शुरू कर दी है. इस महीने के आखिर तक उसे यूएई को 3.5 बिलियन डॉलर का कर्ज चुकाना है. जंग के कारण यूएई ने पाकिस्तान से अपना पैसा वापस मांगा है. पाकिस्तान की सरकार यूएई को कैसे कर्ज चुकाएगी, इसकी चर्चा जोरों पर है. सरकार ने कर्ज चुकाने के लिए एक तरफ सऊदी और चीन जैसे देशों से संपर्क साधा है. वहीं दूसरी तरफ सरकार यूएई का कर्ज चुकाने के लिए इस्लामिक सुकुक फंड का भी सहारा लेने की तैयारी में है.

शरिया के इस कानून से UAE का कर्ज चुकाएगा पाकिस्तान? जानिए सुकुक बॉन्ड के बारे में
शरिया के इस कानून से UAE का कर्ज चुकाएगा पाकिस्तान? जानिए सुकुक बॉन्ड के बारे में

समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बात करते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्री औरंगजेब ने कहा- सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है. अभी सरकार के वरिष्ठ लोग बैठेंगे फिर हम बेहतरीन फैसला लेंगे. हमारी कोशिश डेडलाइन के भीतर ही यूएई के कर्ज को चुकाने की है.

इस्लामिक सुकुक आखिर होता क्या है?

यह एक बॉन्ड है, जो शरियत के हिसाब से चलता है. शरियत में ब्याज को गलत माना गया है. इसलिए इस बॉन्ड में निवेश करने वालों को कोई ब्याज नहीं मिलता है. हालांकि, बॉन्ड में निवेश करने वालों को लाभ जरूर मिलता है. अक्सर सुकुक बॉन्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर को लेकर जारी किया जाता है. इसमें निवेशक को यह दिखता है कि वो जहां इन्वेस्ट कर रखा है, वो वस्तु या जगह वास्तविक में है.

पाकिस्तान की सरकार पब्लिक पैलेस के निर्माण को लेकर भी सुकुक बॉन्ड जारी करती है. सरकार इसके रेंट को सभी भागीदारों में बांटती है. 2025 में पाकिस्तान की सरकार ने 7 बिलियन डॉलर का सुकुक बॉन्ड जारी किया था. पाकिस्तान की सरकार ने 2027 तक 20 प्रतिशत शरिया-अनुरूप ऋण का लक्ष्य रखा है.

इससे कर्ज कैसे चुकाएगी PAK सरकार?

यूएई का कर्ज चुकाने के लिए पाकिस्तान की सरकार जल्द ही सुकुक बॉन्ड जारी कर सकती है. पिछली बार सरकार ने 7 बिलियन डॉलर के बॉन्ड जारी किए थे. यूएई को 3.5 बिलियन डॉलर का कर्ज चुकाना है. यानी पाकिस्तान की सरकार इस बॉन्ड के जरिए आसानी से पैसा जुटा सकती है.

हालांकि, इस फैसले में एक रिस्क है. पाकिस्तान सरकार को अपनी अधिकांश सरकारी प्रोपर्टी अभी बेचनी पड़ सकती है. क्योंकि, सरकार के पास नया इन्फ्रास्ट्रक्चर है नहीं. ऐसे में उसके पास पुराने इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेचने का ऑप्शन है.

khabarmonkey@gmail.com

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