बीते कुछ सालों में देशभर में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. कैंसर एक खतरनाक बीमारी है, लेकिन इससे बचाव किया जा सकता है. सही लाइफस्टाइल और खानपान को अपनाकर कैंसर के रिस्क को कम किया जा सकता है. हालांकि कुछ मामलों में कैंसर जेनेटिक हो सकता है, लेकिन बाकी केस में आप इसको होने से रोक सकते हैं.

मैक्स वैशाली में ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ रोहित कपूर बताते हैं कि जेनेटिक मामलों को छोड़कर का रिस्क रोजाना की आदतों, लाइफस्टाइल और खानपान से जुड़ा हुआ होता है. अगर आप अपने रूटीन में इन बातों का ध्यान रखते हैं तो कैंसर से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है.
खानपान का ध्यान रखें
खानपान कैंसर के खतरे को कम करने में अहम भूमिका निभाता है. अगर आप फास्ट फूड से परहेज करते हैं, मैदा कम खाते हैं और हरी सब्जियां और फलों को डाइट में शामिल करते हैं तो कैंसर का रिस्क कम किया जा सकता है. आप अपनी डाइट में खट्टे फल जैसे संतरा, मौसंबी शामिल करें. इसके अलावा ड्राई फ्रूट्स भी खाएं. इस तरह की डाइट आपको फ्री-रेडिकल्स से बचाती है, जिससे कैंसर का रिस्क कम होता है.
तंबाकू और अल्कोहल से दूरी
तंबाकू और शराब आज भी कैंसर होने के एक बड़े कारण हैं. स्मोकिंग और चबाने वाला तंबाकू मुंह, फेफड़ों और गले के कैंसर का खतरा बढ़ाता है. वहीं ज्यादा मात्रा में शराब का सेवन लिवर में कैंसर कर सकता है. ऐसे में
ये जरूरी है कि आप तंबाकू के सेवन से बचें और शराब से भी परहेज करें
वजन कंट्रोल में रखें
ओवरवेट या मोटापा कई तरह के कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है. ऐसे में वजन संतुलित रखना जरूरी है. इसके लिए जरूरी है कि खानपान का ध्यान रखें और रोज कम से कम 15 से 20 मिनट एक्सरसाइज जरूर करें.
परिवार में किसी को कैंसर है तो सतर्क रहें
कई मामलों में कैंसर एक से दूसरी पीढ़ी में जा सकता है. उदाहरण के तौर पर ब्रेस्ट कैंसर का खतरा एक से दूसरी पीढ़ी में रहता है. ऐसे में जिन महिलाओं के परिवार में किसी को ये कैंसर है तो उनको सतर्क रहना चाहिए. इसके साथ ही ये जरूरी है कि 20 साल की उम्र के बाद कैंसर की स्क्रीनिंग कराए.





