Interest Rate Cut: अगर आप हर महीने अपने होम लोन और कार लोन की ईएमआई (EMI) चुकाते-चुकाते थक गए हैं तो यह खबर आपके लिए है. जी हां, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बाजार ने ऐसा कदम उठाया है, जिससे ब्याज दर में कमी आ सकती है. आरबीआई के इस कदम से बैंकिंग सेक्टर हैरान है. केंद्रीय बैंक ने 182 दिन और 364 दिन वाले ट्रेजरी बिल्स की बोलियों को खारिज कर दिया है. केंद्रीय बैंक की तरफ से महज 91 दिन वाली ट्रेजरी बिल्स को मंजूरी दी गई है. जानकारों का मानना है रिजर्व बैंक के रुख से यह इशारा मिल रहा है कि आने वाले दिनों में ब्याज दर कम होने वाली है. यदि ऐसा हुआ तो इसका फायदा लोन लेने वाले ग्राहकों को मिलेगा. इससे एफडी की ब्याज दर भी गिरकर नीचे आ सकती है. इससे आपकी जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम हो सकता है.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में आयोजित ट्रेजरी बिल की नीलामी में निवेशकों की तरफ से लगाई गई बोलियों को खारिज कर दिया है. केंद्रीय बैंक का यह कदम चौंकाने वाला है क्योंकि आमतौर पर बाजार की उम्मीदों के अनुसार ही बोलियों को स्वीकार किया जाता है. लेकिन इस बार आरबीआई की तरफ से साफ संदेश दिया गया कि वह ऊंची ब्याज दर को बढ़ावा देने के मूड में नहीं है. रिजर्व बैंक के इस फैसले के बाद देश के वित्तीय बाजारों में हलचल तेज हो गई. रिजर्व बैंक के इस कदम पर जानकारों का कहना है कि ट्रेजरी बिल की बिड को रिजेक्ट करने का मतलब यही है कि आरबीआई मार्केट में ऊंची ब्याज दर को नीचे लाना चाहता है. इसका असर लोन और एफडी की ब्याज दर पर भी पड़ेगा.
91 दिन वाली बिल्स पर मिला 5.56% यील्ड
पिछले काफी समय से देश में रेपो रेट ऊंचे लेवल पर बनी है. इससे आम आदमी के लिए लोन लेना महंगा हुआ है. लेकिन आरबीआई के हालिया कदम से ब्याज दर नीचे आने की उम्मीद बढ़ गई है. आरबीआई ने 91 दिन की ट्रेजरी बिल्स 5.56 प्रतिशत यील्ड पर बेचीं. यील्ड ज्यादा होने पर आरबीआई बोलियां रद्द कर देता है. यह फैसला एमपीसी की मीटिंग के दौरान आया है. बैठक के नतीजे शुक्रवार को जारी होंगे. उम्मीद की जा रही है कि इस बार आरबीआई ब्याज दर में किसी तरह का बदलाव नहीं करेगा. तीन महीने में यह दूसरा मौका है जब आरबीआई ने ट्रेजरी बिल्स की बिक्री रद्द कर दी.
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पेपर यील्ड्स में 40 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी
मौजूदा वित्त वर्ष में एक साल वाली पेपर यील्ड्स में 40 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी हो चुकी है. पिछले हफ्ते 364 दिन वाली ट्रेजरी बिल्स के यील्ड और पॉलिसी रेट के बीच का अंतर बढ़कर 78 बेस प्वाइंट हो गया. यह चार साल का सबसे ऊंचा लेवल है. सिटी बैंक कॉन्फ्रेंस में एसबीआई चेयरमैन सीएस शेट्टी ने कहा कि इस समय ब्याज दर का रुकना इकोनॉमी को स्थिर करने और विकास को बढ़ावा देने में मदद करेगा. उन्होंने कहा कि महंगाई दर अभी अहम है, लेकिन बाजार की उम्मीद है कि अभी ब्याज दर को नहीं बदला जाए.











