उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में पारा 48 डिग्री के पार पहुंचा हुआ है. वैसे जारी करते हुए बताया है कि आने वाले 48 घंटों में कुछ राज्यों में बारिश के आसार हैं. गर्मी में लू लगने का डर बना रहता है और हर साल भारत में इससे कई मौतें होती हैं. लू और बढ़ती गर्मी से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि हम अपना खानपान सही रखें. आयुर्वेद में कई तरीके बताए गए हैं जो हमारे शरीर को नेचुरली ठंडा रखते हैं. साथ ही डिहाइड्रेशन से भी बचाते हैं. दिल्ली में आयुर्वेद की डॉक्टर चंचल शर्मा कहती हैं कि मौसम जैसे बदलता है वैसे ही हमारे शरीर में भी बदलाव आता है.

इसलिए अच्छी हेल्थ के लिए मौसम के मुताबिक खानपान करना चाहिए. बढ़ती गर्मी और लू से बचने के लिए हमारा खानपान कैसा होना चाहिए. हमें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? चलिए आपको एक्सपर्ट के जरिए इसके बारे में बताते हैं.
गर्मी के खानपान पर एक्सपर्ट ने क्या कहा
आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा ने बताया आयुर्वेद के अनुसार, हर मौसम शरीर में अलग-अलग बदलाव लाता है. इसलिए, अच्छे स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने और ऊर्जा बनाए रखने के लिए, आयुर्वेद में यह सलाह दी जाती है कि लोगों को मौसम के मुताबिक खानपान रखना चाहिए. गर्मियों के मौसम में हमारे शरीर को गर्मी, डिहाइड्रेशन (पानी की कमी), सुस्ती और बढ़े हुए ‘पित्त दोष’ जैसे लक्षणों का सामना करना पड़ता है. हेल्दी और एनर्जेटिक बने रहने के लिए ऐसी चीजों को खाना चाहिए जो पोषण तो दे ही साथ ही हमें रिफ्रेशिंग भी कर दे.
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गर्मी के मुताबिक कैसा हो खानपान
एक्सपर्ट चंचल कहती हैं कि गर्मी ज्यादा होने से बॉली में पानी की कमी होने लगती है और कमजोरी या सुस्ती महसूस होने लगती है. इसलिए हमेशा हल्का और आसानी से पचने वाली चीजें ही खानी चाहिए. उन्होंने बताया भारी भोजन करने से आपको शरीर के अंदर ज्यादा गर्मी महसूस हो सकती है. मौसम के मुताबिक खाने से आप पूरी गर्मियों में ठंडक महसूस करते हैं और इसके साथ ही यह आपकी पाचन शक्ति को बेहतर बनाता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को भी बढ़ाता है.
खाएं मौसमी फल
गर्मी के फलों में पानी ज्यादा होता है इसलिए ये हमारे शरीर को हिडाइड्रेशन से बचाते हैं. तरबूज, खरबूजा, आम, अनार और नारियल पानी का सेवन बेस्ट रहता है. ये फल शरीर को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करके उसे हाइड्रेट और पोषित करते हैं.
नेचुरल कूलेंट्स
आयुर्वेद कहता है कि हमें मार्केट में मिलने वाले डिब्बाबंद या आर्टिफिशियल तरीके से बने ड्रिंक्स को नहीं पीना चाहिए. इसकी जगह नेचुरल चीजों से बनने वाली ड्रिंक्स को पीना चाहिए. लस्सी, नींबू का रस, बेल का शरबत, आम पन्ना, गुलाब जल और सौंफ का पानी हमें नेचुरली हाइड्रेट रखने में बेस्ट हैं. वैसे भुने हुए जीरे और पुदीने के साथ घर पर बनी छाछ (मट्ठा) गर्मियों में पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने के लिए बहुत ही बेहतरीन होती है.
लाइट फूड खाएं
डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं कि गर्मियों में पाचन शक्ति नेचुरली कमजोर हो जाती है. इसलिए ऐसा खानपान रखना चाहिए जो हल्का हो यानी आसानी से पच जाए. गर्म मौसम में मूंग दाल की खिचड़ी और हल्की पकी हुई सब्जियों को खाना चाहिए.
घी खाएं लेकिन कम
एक्सपर्ट कहती हैं कि गर्मी में शुद्ध देसी घी का सेवन कम मात्रा में करना फायदेमंद होता है. ये हमारी ताकत को बढ़ाता है और शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करने में मदद करता है.
इसके अलावा मसालेदार, ऑयली फूड, फास्ट फूड को खाने से बचना चाहिए. चाय और कॉफी को कम ही पिएं. ऐसी चीजें न खाएं जिनमें नमक और चीनी ज्यादा हो. इन सभी चीजों से गर्मी में एसिडिटी, डिहाइड्रेशन और पेट से जुड़ी प्रॉब्लम्स होने लगती हैं.





