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होर्मुज से भारत के लि‍ए खुशखबरी, LNG लेकर निकला टैंकर, इस चालाकी से पार क‍िया युद्ध का मैदान

ADNOC LNG Tanker: ग्‍लोबल एनर्जी क्राइस‍िस और अमेर‍िका-ईरान तनाव के बीच भारत के लि‍ए बड़ी राहत वाली खबर आई है. अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) का बड़ा टैंकर ल‍िक्‍व‍िफाइड नेचुरल गैस यानी एलएनजी (LNG) लेकर आखिरकार होर्मुज स्‍ट्रेट (Strait of Hormuz) को पार करने में सफल हो गया है. ‘उम अल अश्‍तान’ (Umm Al Ashtan) नामक इस श‍िप को ओमान के मस्कट के नॉर्थ-वेस्‍ट में देखा गया. इस जहाज को एडनॉक लॉजिस्टिक्स एंड सर्विसेज मैनेज करती है. टैंकर पूरी तरह एलएनजी (LNG) से लोड है और यह भारत की तरफ बढ़ रहा है.

होर्मुज से भारत के लि‍ए खुशखबरी, LNG लेकर निकला टैंकर, इस चालाकी से पार क‍िया युद्ध का मैदान
होर्मुज से भारत के लि‍ए खुशखबरी, LNG लेकर निकला टैंकर, इस चालाकी से पार क‍िया युद्ध का मैदान

चालाकी से पार क‍िया रास्‍ता
ब्लूमबर्ग के शिप-ट्रैक‍िंग डेटा के अनुसार इस अहम समुद्री मार्ग के जरिये एनर्जी सप्‍लाई में हाल ही में तेजी देखी गई है, जो क‍ि ग्‍लोबल लेवल मार्केट के ल‍िए सकारात्‍मक संकेत है. जहाज का होर्मुज स्‍ट्रेट से सुरक्ष‍ित न‍िकलने का तरीका भी काफी अलग रहा. 2 मई के करीब इस टैंकर ने अचानक अपना स‍िग्‍नल भेजना बंद कर दिया. उस समय यह टैंकर खाली था और होर्मुज के पूर्वी एंट्री गेट के पास रुका हुआ था. सैटेलाइट से मिली तस्वीरों से साफ हुआ कि जब इस जहाज का स‍िग्‍नल बंद था, तब इसने फारस की खाड़ी में स्थित एडनॉक के ‘दास द्वीप’ एक्सपोर्ट प्लांट से चुपचाप गैस लोड की.

जंग के बाद ठप पड़ी थी LNG की सप्‍लाई
सैटेलाइट इमेज से यह भी सामने आया क‍ि इस दौरान कई एलएनजी टैंकर दास द्वीप पर डॉक कर रहे हैं. भले ही सेफ्टी रीजन से कोई भी जहाज प्लांट के पास अपनी लाइव लोकेशन ब्रॉडकास्ट (सेंड) नहीं कर रहा. फरवरी के आख‍िर में ईरान में जंग शुरू होने के बाद से होर्मुज स्‍ट्रेट से एलएनजी की सप्‍लाई लगभग ठप पड़ी थी, जिसने दुनिया की कुल गैस सप्लाई के करीब 20 प्रत‍िशत हिस्से को रोक दिया था. ऐसे माहौल में गैर-ईरानी तेल सुपरटैंकर का बाहर आना बड़ी राहत है. प‍िछले कुछ द‍िन में कम से कम दो गैर-ईरानी तेल सुपर टैंकर भी फारस की खाड़ी से बाहर निकले हैं.

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सप्लाई जंग से पहले के मुकाबले काफी कम
एडनॉक (ADNOC) अब तक ऐसे चार शिपमेंट फारस की खाड़ी से भारत की तरफ भेज चुका है. इनमें से आख‍िरी टैंकर पश्‍च‍िमी भारत के बंदरगाह पर पहुंचने वाला है. हालांकि, यह सप्लाई जंग से पहले के मुकाबले काफी कम है. पहले इस रास्ते से रोजाना तीन बड़े टैंकर गुजरते थे, जिनमें सबसे ज्यादा गैस दुनिया के सबसे बड़े निर्यातक कतर की होती थी. कतर की सप्लाई पूरी तरह बहाल होना अभी बाकी है. आपको बता दें एलएनजी (LNG) का यूज कई जगह क‍िया जाता है.

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