Wednesday, April 15, 2026
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क्या यूरिक एसिड को आयुर्वेदिक उपचार के जरिए जड़ से खत्म किया जा सकता है?

यूरिक एसिड की समस्या से इन दिनों कई लोग परेशान हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यूरिक एसिड क्या है। यूरिक एसिड हमारे शरीर में ‘प्यूरीन’ नामक प्रोटीन के टूटने से बनने वाला एक कचरा है। यह एसिड खून में घुल जाता है, किडनी तक पहुंचता है और पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाता है। लेकिन जब हमारे शरीर में इसकी मात्रा बहुत अधिक बढ़ जाती है तो तलवे में काफी तेज दर्द महसूस होता है। आमतौर पर यूरिक एसिड प्यूरीन वाला खाना जैसे दालें, रेड मीट, शराब खाने से बढ़ता है। शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने से छोटे-छोटे और बेहद नुकीले ‘क्रिस्टल्स’ में बदल जाता है और शरीर के जोड़ों में जाकर जमा होने लगता है। यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए तमाम तरह की दवाओं का सेवन करते हैं लेकिन एक सवाल जो कई लोगों के मन में रहता है वो है क्या यूरिक एसिड को आयुर्वेदिक उपचार के जरिए ठीक किया जा सकता है। चलिए जानते हैं। 

क्या यूरिक एसिड को आयुर्वेदिक उपचार के जरिए जड़ से खत्म किया जा सकता है?
क्या यूरिक एसिड को आयुर्वेदिक उपचार के जरिए जड़ से खत्म किया जा सकता है?

यूरिक एसिड में समस्या कब होती है?

जब शरीर बहुत अधिक यूरिक एसिड बनाने लगता है या किडनी इसे पर्याप्त मात्रा में बाहर नहीं निकाल पाती, तो खून में इसका स्तर बढ़ जाता है। इस स्थिति को हाइपरयूरिसीमिया कहते हैं।

क्या आयुर्वेद के जरिए इसका इलाज संभव है? 

आयुर्वेद में यूरिक एसिड का इलाज संभव है। आयुर्वेद में यूरिक एसिड को नियंत्रित करने और लंबे समय तक इससे राहत पाने के बहुत प्रभावी तरीके मौजूद हैं। हालांकि इसे जड़ से खत्म करने के लिए आपको अपनी डाइट और लाइफस्टाइल में जरूरी बदलाव करने की जरूरत है। चलिए जानते हैं कौन से आयुर्वेदिक उपचार के जरिए इसे कंट्रोल किया जा सकता है। 

यूरिक एसिड को कंट्रोल करने वाली आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां
गिलोय 
गिलोय यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में औषधि की तरह काम करती है। यह खून को साफ करती है और शरीर के बढ़े हुए यूरिक एसिड को पेशाब के जरिए बाहर निकालने में मदद करती है।

गोक्षुर 
यह एक प्राकृतिक मूत्रवर्धक है जो किडनी की कार्यक्षमता बढ़ाता है ताकि यूरिक एसिड शरीर में जमा न हो सके।

कैशोर गुग्गुलु 
यह जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में फायदेमंद है। इसका सेवन करने से यूरिक एसिड कंट्रोल होता है और जोड़ों के दर्द से आराम मिलता है। 

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें

 

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