शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 ब्रेकिंग
सरकारी कर्मचारियों के DA का इंतजार बढ़ा! क्या अगली कैबिनेट बैठक में लगेगी मुहर?​ | Instagram पर दोस्ती पड़ी भारी… दिल्ली पुलिस की लेडी कांस्टेबल से ठगे 24 लाख रुपये, शातिर गिरफ्तार​ | Pharma Sahi Daam App: मेडिकल स्टोर पर दवा के लिए ज्यादा पैसे तो नहीं दे रहे? ऐसे करें कीमत चेक​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

Healthy Atta for Roti: रोज गेहूं की रोटी खाकर हो गए हैं बोर? डाइट में शामिल करें ये 5 हेल्दी रोटियां​

Healthy Atta for Roti: रोटी भारतीय रसोई में बनने वाली सबसे महत्वपूर्ण डिश है, जिसके बिना थाली अधूरी लगती है। भारत के लगभग हर घर में खाने में रोटी तो जरुर बनाई जाती है। लेकिन ज्यादातर घरों में सिर्फ गेहूं की आटे की ही रोटी बनाई जाती है। लेकिन फिट रहने और वजन नियंत्रित करने […]

Healthy Atta for Roti: रोटी भारतीय रसोई में बनने वाली सबसे महत्वपूर्ण डिश है, जिसके बिना थाली अधूरी लगती है। भारत के लगभग हर घर में खाने में रोटी तो जरुर बनाई जाती है। लेकिन ज्यादातर घरों में सिर्फ गेहूं की आटे की ही रोटी बनाई जाती है। लेकिन फिट रहने और वजन नियंत्रित करने के लिए गेहूं के आटे की जगह आप अपनी डाइट में बेसन , रागी, बाजरा, जौ या मक्के के आटे से बनी रोटियों को शामिल कर सकते हैं। रोजाना अलगअलग तरह के आटे से बनी रोटी खाइए। आइए जानें क्या क्या मिलेंगे फायदे।

Healthy Atta किस किस आटे की रोटी खाना हेल्दी?

आपको हेल्दी रहने के लिए गेहूं के आटे के साथ साथ इन 5 आटों की बनी रोटियां भी अलगअलग दिन अपने खाने में शामिल करनी चाहिए।

रागी का आटा

रागी में कैल्शियम और फाइबर से भरपूर होती है, जो हड्डियों की मजबूती और पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद है। यह बच्चों, गर्भवती महिलाओं और हड्डियों की सेहत को लेकर परेशान बुजुर्गों के लिए फायदेमंद हो सकती है। 

इतना ही नही इसमें फाइबर, आयरन और अमीनो एसिड भी पाया जाता है, जो कि मांसपेशियों के काम करने और शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद करते हैं। 

ज्वार का आटा

ज्वार का आटा ग्लूटेनफ्री होता है और इसमें फाइबर, प्रोटीन, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह पाचन को बेहतर बनाए रखने और लंबे समय तक शरीर को ऊर्जा देने में मदद कर सकता है। 

जिन लोगों को ग्लूटेन से परेशानी होती है, उनके लिए ज्वार एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसे अपनी डाइट में शामिल करने से पहले जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

जौ का आटा

जौ के आटे में घुलनशील फाइबर, खासकर बीटाग्लूकन पाया जाता है। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और दिल की सेहत बनाए रखने में मदद कर सकता है। 

इसमें मौजूद फाइबर ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में भी सहायक हो सकता है। जौ के आटे का इस्तेमाल गेहूं या दूसरे अनाज के आटे के साथ मिलाकर रोटी बनाने में किया जा सकता है।

बाजरे का आटा

बाजरे का आटा फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है, जिससे बारबार भूख लगने की समस्या कम करने में मदद मिलती है। 

बाजरे में मौजूद मैग्नीशियम दिल की सेहत और सामान्य ब्लड प्रेशर बनाए रखने में भी सहायक है। सर्दियों में बाजरे की रोटी काफी पसंद की जाती है। इसे संतुलित डाइट का हिस्सा बनाना फायदेमंद हो सकता है।

बेसन

बेसन चने से बनाया जाता है और यह प्लांटबेस्ड प्रोटीन व फाइबर का अच्छा स्रोत है। इसमें आयरन, फोलेट, मैग्नीशियम और जिंक जैसे जरूरी पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। बे सन से बनी चीजें खाने पर पेट लंबे समय तक भरा रह सकता है, जिससे वजन नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।

इसके अलावा, चने में मौजूद फाइबर ब्लड शुगर के स्तर को संतुलित बनाए रखने में सहायक हो सकता है। बेसन का इस्तेमाल चीला, रोटी और कई अन्य हेल्दी व्यंजन बनाने में किया जा सकता है।

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY