इटली की लग्जरी स्पोर्ट्स कार कंपनी फेरारी भारत में अपना बिजनेस बढ़ाने की तैयारी कर रही है. कंपनी अब देश के 5 शहरों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगी. फेरारी इसके लिए चेन्नई और अहमदाबाद में नई डीलरशिप खोलने जा रही है. अभी कंपनी की डीलरशिप दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई में मौजूद है.

ET की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के CEO बेनेडेटो विग्ना ने कहा कि फेरारी भारत के बाजार को अहमियत देती है. कंपनी यहां अपने ग्राहकों और कारों के शौकीनों के साथ लंबे समय तक जुड़ाव बनाना चाहती है. भारत में कंपनी की यह पहली प्रदर्शनी है, जिसमें उसकी कारों और भविष्य की योजनाओं को पेश किया जा रहा है.
EU ट्रेड डील से घट सकती है कारों की कीमत
भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता यानी FTA लग्जरी कार बाजार के लिए अहम साबित हो सकता है. इस समझौते के तहत यूरोप से आने वाली कुछ कारों पर आयात शुल्क मौजूदा 110% से घटकर समय के साथ 10% तक आ सकता है. हालांकि, शुल्क में कमी समझौते की शर्तों और उसके लागू होने पर निर्भर करेगी. अगर इम्पोर्ट ड्यूटी घटती है तो यूरोप से आने वाली लग्जरी स्पोर्ट्स कारों की कीमतों पर असर पड़ सकता है. इससे भारत में ऐसी कारों की मांग बढ़ने की संभावना है.
फेरारी के फार एंड मिडिल ईस्ट क्षेत्र के अध्यक्ष फ्रांसेस्को बियांकी ने कहा कि भारतEU ट्रेड डील लग्जरी स्पोर्ट्स कार बाजार के लिए बड़ा बदलाव ला सकती है. उन्होंने बताया कि समझौते की घोषणा के बाद फेरारी उन शुरुआती कंपनियों में शामिल थी, जिसने भारतीय ग्राहकों को इसका फायदा देने की इच्छा जताई थी.
चेन्नई और अहमदाबाद में खुलेंगी नई डीलरशिप
फेरारी भारत में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए स्थानीय कंपनियों के साथ पार्टनरशिप करेगी. चेन्नई में डीलरशिप खोलने के लिए कंपनी KUN ग्रुप के साथ काम करेगी. वहीं, अहमदाबाद में नई डीलरशिप के लिए इनफिनिटी ग्रुप के साथ साझेदारी की गई है. इन दोनों शहरों में विस्तार के बाद फेरारी की मौजूदगी भारत के पांच शहरों में हो जाएगी. कंपनी का लक्ष्य देश में अपने ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाना और लग्जरी कार बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करना है.
Ferrari ने दिखाई अपनी इलेक्ट्रिक कार Luce
फेरारी ने इस प्रदर्शनी में अपनी इलेक्ट्रिक कार Luce को भी पेश किया है. कंपनी ने इसे भारतीय बाजार में लॉन्च करने की योजना का संकेत दिया है. हालांकि, भारतEU के प्रस्तावित व्यापार समझौते में यूरोप से आयात होने वाली इलेक्ट्रिक कारें शामिल नहीं हैं. इसलिए इस समझौते के तहत मिलने वाली संभावित आयात शुल्क में कटौती का फायदा Luce को मिलेगा या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है.