हाल के दिनों में मौसम में अचानक बदलाव आना शुरू हो गया है. दिन में तेज गर्मी पड़ रही है और शाम को मौसम हल्का ठंडा हो जाता है. हालांकि दिन तापमान काफी बढ़ रहा है और 30 डिग्री से ऊपर जा रहा है. लेकिन कभी अचानक बारिश पड़ जाती है और एकदम तेज गर्मी भी हो जाती है. मौसम में हो रहे ये बदलाव सेहत के लिहाज से अच्छे नहीं हैं. इससे लोगों को सर्दी, खांसी, एलर्जी जैसी समस्या हो सकती है.आयुर्वेद में, यह माना जाता है कि मौसम में बदलाव शरीर में वात, पित्त और कफ के प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ सकते हैं. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि इस मौसम में किन बीमारियों का खतरा अधिक है और बचाव कैसे करें.

दिल्ली में आयुर्वेद की डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं कि में हो रहे इस तरह के बदलावों से वायरल बीमारियां होने की अधिक आशंका रहकी है. इसके अलावा पाचन से संबंधित बीमारियों के होने का भी रिस्क होता है. ऐसे में सेहत का ध्यान रखने के लिए सबसे पहले जरूरी है कि आप अपने खानपान का ध्यान रखें.
इस मौसम में खानपान में क्या चीजें शामिल करें
इस मौसम में हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करें जैसे फल खाएं. डाइट में पपीता, अनार संतरा शामिल कर सकते हैं. इसके अलावाअदरक और तुलसी की चाय पीना फायदेमंद है. इस मौसम में फास्ट फूड न खाएं.क्योंकि इससे पित्त और कफ बढ़ सकता है. आयुर्वेद के अनुसार पानी पिएं और ठंडे की जगह इस समय सामान्य या हल्कागुनगुना पानी पीना फायदेमंद है. इस समय ठंडा पानी पीना सेहत को बिगाड़ सकता है. ये कफ बढ़ा सकता है.
अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं
तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा जैसी जड़ी-बूटियाँ आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकती हैं और आपको मौसम में होने वाले बदलावों के साथ तालमेल बिठाने में मदद कर सकती हैं. इस बात का भी ध्यान रखें कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बिना वजह धूप में बाहर निकलने से बचें.
घर से बाहर निकलते समय हमेशा अपना सिर ढककर रखें. ये आदतें आपके शरीर को तापमान में होने वाले बदलावों से बेहतर ढंग से निपटने में मदद करेंगी.





