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चॉकलेट सिस्ट क्या है? ओवरी में बन जाती है खून भरी गांठ, जानें महिलाओं के शरीर पर इसका असर​

महिलाओं की ओवरी में चॉकलेट सिस्ट बनना सबसे ज्यादा देखी जाने वाली बीमारियों में से एक हैं. इसका नाम भले ही चॉकलेट सिस्ट हो लेकिन इसका चॉकलेट खाने से कोई संबंध नहीं है. यह महिलाओं के अंडाशय में बनने वाली एक ऐसी गांठ है, जिसमें पुराना खून जमा हो जाता है. एंडोमेट्रियोसिस से जुड़ी इस […]

महिलाओं की ओवरी में चॉकलेट सिस्ट बनना सबसे ज्यादा देखी जाने वाली बीमारियों में से एक हैं. इसका नाम भले ही चॉकलेट सिस्ट हो लेकिन इसका चॉकलेट खाने से कोई संबंध नहीं है. यह महिलाओं के अंडाशय में बनने वाली एक ऐसी गांठ है, जिसमें पुराना खून जमा हो जाता है. एंडोमेट्रियोसिस से जुड़ी इस समस्या में पीरियड्स के दौरान तेज दर्द, पेट में परेशानी और गर्भधारण करने में दिक्कत हो सकती है. आइए जानते हैं, चॉकलेट सिस्ट क्यों बनती है, इसके लक्षण क्या हैं और इसका इलाज कैसे किया जाता है.

क्या होती है चॉकलेट सिस्ट?

चॉकलेट सिस्ट को मेडिकल भाषा में ओवेरियन एंडोमेट्रियोमा कहा जाता है. यह एंडोमेट्रियोसिस नाम की बीमारी से जुड़ी होती है. इसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसी कोशिकाएं गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगती हैं. जब ये अंडाशय में पहुंचती हैं, तो वहां सिस्ट बन सकती है.

इस सिस्ट के अंदर पुराना खून जमा होता रहता है. इसका रंग गहरा भूरा होता है और यह देखने में पिघली हुई चॉकलेट जैसा लगता है. इसी वजह से इसे चॉकलेट सिस्ट कहा जाता है.

चॉकलेट सिस्ट क्यों बनती है?

आशा आयुर्वेदा फर्टिलिटी सेंटर की विशेषज्ञ डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार, चॉकलेट सिस्ट का संबंध एंडोमेट्रियोसिस से है. हालांकि, यह बीमारी क्यों होती है, इसकी सटीक वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है.

सिस्ट बनने के जोखिम और कारण

जेनेटिक कारण हो सकते हैं

अगर परिवार में इस बीमारी का इतिहास रहा है तो आगे चलकर ये किसी को हो सकती है. जैसे पहले अगर परिवार में मां या बहन को एंडोमेट्रियोसिस रहा है, तो इसका खतरा बढ़ सकता है.

हार्मोन का असर

एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन एंडोमेट्रियोसिस से जुड़े टिश्यू के बढ़ने में भूमिका निभाते हैं. ऐसे में हार्मोनल इंबैलेंस की समस्या है तो इसपर ध्यान देना चाहिए. इसके अलावा शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली की भूमिका भी इस बीमारी के विकास में हो सकती है.

चॉकलेट सिस्ट के क्या लक्षण होते हैं?

चॉकलेट सिस्ट होने पर कुछ महिलाओं को तेज दर्द होता है, जबकि कुछ में इसके लक्षण हल्के हो सकते हैं. कई बार यह समस्या अल्ट्रासाउंड के दौरान पता चलती है.

चॉकलेट सिस्ट के प्रमुख लक्षण

  • पीरियड्स के दौरान बहुत ज्यादा दर्द होना.
  • पेट के निचले हिस्से या पेल्विक एरिया में बारबार दर्द होना.
  • शारीरिक संबंध बनाते समय दर्द महसूस होना.
  • कमर के निचले हिस्से में दर्द होना.
  • पेट में सूजन या भारीपन महसूस होना.
  • पेशाब या मल त्याग के दौरान दर्द होना, खासकर पीरियड्स के समय.
  • कुछ महिलाओं को गर्भधारण करने में परेशानी होना.

क्या चॉकलेट सिस्ट से मां बनने में परेशानी होती है?

चॉकलेट सिस्ट से कुछ महिलाओं की प्रजनन क्षमता प्रभावित हो सकती है. एंडोमेट्रियोसिस के कारण अंडाशय में सूजन हो सकती है और अंडों की गुणवत्ता या अंडाशय में अंडों के भंडार पर असर पड़ सकता है. इसके अलावा, गर्भधारण में मदद करने वाले दूसरे अंगों की कार्यप्रणाली भी प्रभावित हो सकती है. हालांकि, चॉकलेट सिस्ट होने का मतलब यह नहीं है कि महिला मां नहीं बन सकती. कई महिलाएं इस समस्या के बावजूद प्राकृतिक रूप से गर्भधारण कर सकती हैं.

अगर महिला गर्भधारण की योजना बना रही है, तो इलाज का विकल्प चुनने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. सिस्ट निकालने वाली सर्जरी भी कुछ मामलों में अंडाशय के स्वस्थ टिश्यू को नुकसान पहुंचा सकती है. इसलिए सर्जरी का फैसला सिस्ट के आकार, लक्षणों और महिला की प्रजनन संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाता है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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