UP Assistant Teacher Bharti: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार को 68 हजार 500 असिस्टेंट टीचर भर्ती के कैंडिडेट्स ने नियुक्ति की मांग को लेकर शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पर प्रदर्शन किया। करीब एक घंटे तक कैंडिडेट्स नारेबाजी करते रहे। इस दौरान उन्होंने शंख और घंटियां बजाकर मंत्री को बाहर बुलाने की कोशिश की।

पुलिस ने कैंडिडेट्स को हटाया
कुछ कैंडिडेट्स मंत्री के सामने जमीन पर लेट गए और हाथ जोड़कर नौकरी देने की गुहार लगाने लगे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाकर बसों में बैठाया।
पुलिस पर लातों से मारने का आरोप
प्रदर्शन में शामिल कैंडिडेट्स ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बस में बैठाने के बाद उनके साथ मारपीट की। उनका कहना है कि पुलिसकर्मियों ने लातों से मारा, गाली दी और कपड़े तक फाड़ दिए। एक अभ्यर्थी ने बताया कि पिटाई के बाद उसका पैर नहीं उठ रहा है और उसे फ्रैक्चर हुआ है। हालांकि, ये सभी प्रदर्शनकारियों के आरोप हैं। इस दौरान 11 दिन से भूख हड़ताल कर रहे एक कैंडिडेट्स की तबीयत भी बिगड़ गई।
बेटी रोज पूछती है पापा घर कब आओगे
आजमगढ़ से आए घनश्याम प्रदर्शन के दौरान फूटफूटकर रोने लगे। उन्होंने बताया कि वे ढाई महीने से घर नहीं गए हैं। उनकी तीन साल की बेटी बीमार है और रोज वीडियो कॉल पर पूछती है कि पापा घर कब आएंगे। घनश्याम के मुताबिक, बेटी को 15 दिन तक मेडिकल कॉलेज में भर्ती रखना पड़ा था। ऑपरेशन के बाद उसकी एक्सरसाइज होनी थी, लेकिन नौकरी की मांग को लेकर वह बेटी को छोड़कर लखनऊ में प्रदर्शन कर रहे हैं।
बहन की शादी छोड़कर पहुंचे लखनऊ
मैनपुरी से आए आशीष कुमार ने बताया कि उनके घर में बहन की शादी है। परिवार और रिश्तेदार शादी की तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन वह नियुक्ति की मांग को लेकर लखनऊ में बैठे हैं। उन्होंने कहा कि वह अपनी बहन और परिवार को छोड़कर यहां आए हैं।
5 प्रतिशत छूट के साथ नई लिस्ट जारी करने की मांग
कैंडिडेट्स के मुताबिक, साल 2018 में 68 हजार 500 असिस्टेंट शिक्षक भर्ती निकाली गई थी। उनका आरोप है कि भर्ती में दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक, अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के कैंडिडेट्स को मिलने वाली 5 प्रतिशत की छूट नहीं दी गई। इन वर्गों के कैंडिडेट्स का रिजल्ट सामान्य कटऑफ के आधार पर जारी किया गया। कैंडिडेट्स की मांग है कि 150 पूर्णांक वाली परीक्षा में 60 अंक यानी 40 प्रतिशत को पासिंग मार्क्स मानकर रिजल्ट संशोधित किया जाए और नई चयन सूची जारी की जाए।
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8 साल से नौकरी का इंतजार
सीतापुर से आए आशुतोष वर्मा ने कहा कि कैंडिडेट्स पिछले 8 साल से नौकरी के लिए भटक रहे हैं। उनका आरोप है कि भर्ती में आरक्षण के नियमों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी आरक्षण नियमों के पालन के निर्देश दिए हैं। अभ्यर्थियों की मांग है कि आयोग के आदेशों का पालन करते हुए भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए।