: केरलम में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन प्रक्रिया को लेकर बहस तेज हो गई है। वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के सवाल पर CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया है कि देशभर में मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी राज्य नहीं है, जहां वोटर लिस्ट से नाम नहीं काटे जा रहे हों।

कोच्चि में मीडिया से बातचीत के दौरान अभिजीत दिपके से पूछा गया कि क्या केरलम में SIR प्रक्रिया के दौरान वोटों की चोरी हुई है? इस पर उन्होंने कहा कि देशभर में वोट हटाए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, यह केवल किसी एक राज्य तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि पूरे देश में ऐसा हो रहा है।
पूर्व CEO की नियुक्ति पर भी उठाए सवाल
बातचीत के दौरान केरलम के पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी को मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त किए जाने को लेकर भी सवाल पूछा गया। इस पर अभिजीत दिपके ने कहा कि ऐसी नियुक्ति कहीं भी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां बीजेपी की जीत के बाद निर्वाचन आयुक्त को मुख्यमंत्री का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था।
चुनावी निष्पक्षता पर जताई चिंता
अभिजीत दिपके ने कहा कि चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता बनाए रखना बेहद जरूरी है। निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की नियुक्तियों को लेकर पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रणाली की निष्पक्षता के मामले में ऐसी चीजों को स्वीकार या बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
उनके इस बयान के बाद SIR प्रक्रिया और चुनाव अधिकारियों की नियुक्तियों को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज होने की संभावना है। हालांकि, वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने और अधिकारियों की नियुक्तियों को लेकर लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है।