Rule Changes November 2026: नवंबर की शुरुआत के साथ देश में कई वित्तीय और गैरवित्तीय नियमों में बदलाव हो रहे हैं। इनका असर आम लोगों, पेंशनर्स, कारोबारियों और निवेशकों पर पड़ेगा। दूरसंचार विभाग ने कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन सेवा लागू करने का आदेश दिया है। अब इनकमिंग कॉल पर कॉल करने वाले का नाम और नंबर दिखाई देगा।

इसके अलावा GST रिटर्न और रिफंड प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नए कदम उठाए गए हैं। पंजाब नेशनल बैंक ने क्रेडिट कार्ड से बड़े यूटिलिटी बिल भुगतान पर शुल्क लगाने का फैसला किया है। वहीं, म्यूचुअल फंड में डायरेक्ट प्लान को डिफॉल्ट ऑप्शन बनाया जा रहा है। आइए जानते हैं 1 नवंबर से क्याक्या बदलाव हो रहे हैं।
1. अब कॉल आने पर नाम भी दिखाई देगा
दूरसंचार विभाग के आदेश के मुताबिक, टेलीकॉम कंपनियों को 1 नवंबर 2026 से कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन सेवा लागू करनी है। इसके तहत इनकमिंग कॉल आने पर मोबाइल स्क्रीन पर कॉल करने वाले का नाम और नंबर दोनों दिखाई देंगे।
इस सुविधा का उद्देश्य अनजान कॉल की पहचान आसान बनाना और सुरक्षा बढ़ाना है। टेलीकॉम कंपनियां 4G और इससे आगे की तकनीक पर इसकी टेस्टिंग पहले ही कर चुकी हैं।
2. LPG सिलेंडर की कीमतों में बदलाव संभव
सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। कच्चे तेल की कीमतों में हालिया तेजी के कारण खासतौर पर 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में बदलाव हो सकता है।
फिलहाल दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2,810 रुपए और बिना सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 942 रुपए बताई गई है। नई कीमतों को लेकर तेल कंपनियों के फैसले पर नजर रहेगी।
3. पेंशनर्स 1 नवंबर से जमा कर सकेंगे लाइफ सर्टिफिकेट
80 साल से कम उम्र के पेंशनर्स 1 नवंबर से अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। इसे जमा करने की सामान्य अंतिम तारीख 30 नवंबर होती है।
पेंशन जारी रखने के लिए जीवन प्रमाण पत्र देना जरूरी है। इसे जमा नहीं करने पर पेंशन का भुगतान रुक सकता है। पेंशनर्स मोबाइल के जरिए घर बैठे भी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं।
4. GST रिटर्न और रिफंड प्रक्रिया होगी आसान
GST काउंसिल ने रिटर्न फाइलिंग और रिफंड प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई सुधारों की सिफारिश की है। इनमें से कुछ बदलाव 1 नवंबर से लागू किए जा सकते हैं, जबकि कानून में संशोधन से जुड़े बदलावों को 1 अप्रैल 2027 से लागू करने का लक्ष्य है।
वित्त मंत्रालय 1 नवंबर को MyGov पोर्टल पर GSTR1, GSTR1A और इनवॉइस फर्निशिंग फैसिलिटी के ड्राफ्ट फॉर्म आम लोगों की राय के लिए जारी करेगा। संशोधित फॉर्म 1 अप्रैल 2027 से लागू करने की योजना है। योग्य GST रिफंड के ऑटोमेटेड अप्रूवल की प्रक्रिया भी 1 नवंबर के बाद शुरू होने की उम्मीद है।
5. कोवर्किंग स्पेस के पते पर भी मिलेगा GST रजिस्ट्रेशन
अब कारोबारी कोवर्किंग स्पेस के पते पर भी GST रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। इसके लिए उन्हें सदस्यता की कॉपी अपलोड करनी होगी, जिसमें पता साफ लिखा हो। बिजली बिल और हाउस टैक्स जैसे दस्तावेज भी पते के प्रमाण के तौर पर देने होंगे।
आधार के आधार पर रजिस्ट्रेशन होने पर सामान्य स्थिति में अधिकारी पते की जांच के लिए मौके पर नहीं जाएगा। हालांकि, जालसाजी या गंभीर गड़बड़ी का शक होने पर जांच की जा सकती है।
इसके अलावा अपील के लिए शुल्क जमा करने, नोटिस में कारण स्पष्ट करने और रिफंड प्रक्रिया आसान बनाने से जुड़े बदलाव भी लागू होंगे।
6. PNB क्रेडिट कार्ड से बड़े बिल भुगतान पर लगेगा शुल्क
पंजाब नेशनल बैंक ने क्रेडिट कार्ड से 50 हजार रुपए से ज्यादा के यूटिलिटी बिल भुगतान पर 1 प्रतिशत शुल्क लगाने का फैसला किया है। यह शुल्क अधिकतम 2,000 रुपए प्रति लेनदेन होगा।
इससे पहले बैंक क्रेडिट कार्ड के जरिए बिजली, टेलीफोन, इंटरनेट और पानी जैसे बिलों का भुगतान करने पर यह शुल्क नहीं लेता था। नए नियम से ज्यादा रकम के यूटिलिटी बिल भरने वाले ग्राहकों पर अतिरिक्त खर्च आएगा।
7. म्यूचुअल फंड में डायरेक्ट प्लान होगा डिफॉल्ट ऑप्शन
सेबी के नए नियम के तहत एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर म्यूचुअल फंड का डायरेक्ट प्लान डिफॉल्ट ऑप्शन होगा।
सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे के मुताबिक, अगर कोई निवेशक रेगुलर प्लान चुनता है तो उसे पहले इसके ज्यादा एक्सपेंस रेश्यो यानी खर्च के बारे में जानकारी दी जाएगी। इससे निवेशक डायरेक्ट और रेगुलर प्लान के खर्च की तुलना करके फैसला ले सकेंगे।
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8. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड से पैसा निकालने का मौका
नवंबर में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की चार सीरीज के निवेशकों को समय से पहले पैसा निकालने का मौका मिलेगा।
202021 सीरीज7: 2 नवंबर
202021 सीरीज8: 18 नवंबर
202021 सीरीज2: 19 नवंबर
202122 सीरीज1: 25 नवंबर
इन तारीखों पर संबंधित सीरीज के निवेशक समय से पहले रिडेम्पशन करा सकेंगे।
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9. कैंसर की 137 दवाएं 9 नवंबर से होंगी सस्ती
केंद्र सरकार ने 137 गैरअनुसूचित कैंसररोधी दवाओं पर ट्रेड मार्जिन अधिकतम 30 प्रतिशत तय किया है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण के इस फैसले से मौजूदा कीमतों के आधार पर कुछ दवाओं की खुदरा कीमतों में 70 प्रतिशत तक कमी आने की उम्मीद है।
नई कीमतें 9 नवंबर से लागू होंगी। मरीज NPPA की वेबसाइट और ‘फार्मा सही दाम’ मोबाइल ऐप के जरिए दवाओं की नई कीमतें देख सकेंगे।
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