राष्ट्रीय राजधानी से सटे उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में फायरिंग और एक युवक को गोली मारने की कोशिश झूठा मामला सामने आया है. आरोप है कि पड़ोसी को जेल भिजवाने के लिए शिकायतकर्ता ने खुद ही साजिश रची थी और अपने ऊपर फायरिंग कराई. पुलिस ने इस झूठी वारदात का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को अरेस्ट किया है. पुलिस ने आरोपियों के पास से तमंचा, कारतूस एवं बाइक बरामद की है.

पुलिस के मुताबिक आरोपियों में वादी का अपना बेटा, साला और भतीजा शामिल हैं. पुलिस ने वारदात का राज खोलने वाली सीसीटीवी की डीवीआर बरामद कर ली है. पुलिस के मुताबिक न्यादरगंज निवासी हरेंद्र नागर का अपने पड़ोसी विकास सैन के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था. इस मामूली सी कहासुनी का बदला लेने और विकास सैन को जेल भिजवाने के लिए आरोपी हरेंद्र नागर ने अपने ही रिश्तेदारों के साथ मिलकर एक खौफनाक साजिश रची.
ऐसे हुआ झूठ का खुलासा
डीसीपी ग्रेटर नोएडा श्रवण कुमार के मुताबिक हरेंद्र नागर ने अपने साले अतुल भाटी और भतीजे प्रतीक उर्फ कलुआ को घर बुलाया. फिर घर में लगे सीसीटीवी कैमरे के सामने खुद पर फायरिंग करवाई. इसके बाद हरेंद्र ने सीधे थाने पहुंचकर पड़ोसी विकास सैन के खिलाफ जानलेवा हमले का झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया. हालांकि इसी फुटेज की पड़ताल करते हुए पुलिस ने मामले का खुलासा किया है.
आपस में रिश्तेदार हैं आरोपी
पुलिस ने बिसाहड़ा अंडरपास के पास से आरोपियों को अरेस्ट किया है. इनकी पहचान हरेंद्र नागर के बेटे अभिषेक नागर, साले अतुल भाटी और भतीजे प्रतीक उर्फ कलुआ के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक आरोपियों में से अतुल भाटी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड मिला है. उसके खिलाफ मारपीट, चोरी व लूट समेत 7 मुकदमे पहले से दर्ज हैं. इसके अलावा मुख्य साजिशकर्ता हरेंद्र का भाई सतेंद्र उर्फ सत्ते भी वर्ष 2007 के एक हत्या के मामले में सजायाफ्ता है.