कतर की एक न्यूली मेरिड कपल की यात्रा, जो शुरुआत में एक साधारण हनीमून और काम के सिलसिले में की गई थी, देखते ही देखते एक कानूनी और पर्सनल प्रोब्लम में बदल गई. इस मामले में पति का आरोप है कि उसने अपनी पत्नी के साथ कथित छेड़छाड़ के खिलाफ आवाज उठाई, जिसके बाद उसे जेल जाना पड़ा और अंत में उसे देश से बाहर निकाल दिया गया. ब्रिटेन के रहने वाले 49 वर्षीय क्रेग बैरट और उनकी 34 वर्षीय पत्नी सारा बैरट जून 2024 में यॉर्क में शादी के बाद कतर पहुंचे थे.

क्रेग को मिडिल ईस्ट के कई देशों की सरकारों को सलाह देने के लिए एक बड़ा हेल्थकेयर कंसल्टिंग प्रोजेक्ट मिला था. सारा इस यात्रा को एक छोटे हनीमून की तरह देख रही थीं, क्योंकि साल के अंत में दोनों ने एक क्रूज ट्रिप की भी योजना बनाई थी. दोनों दोहा के एक लग्ज़री होटल में ठहरे हुए थे. 30 जुलाई 2024 को एक ऐसी घटना हुई जिसने उनके पूरे एक्सपीरियंस को बदल दिया. उस समय क्रेग सऊदी अरब के रियाद में एक मीटिंग के लिए गए हुए थे और सारा होटल के पूल के पास अकेली थीं. सारा के अनुसार, वहां दो अजनबी पुरुष उनके पास आए और शुरुआत में उन्होंने उनसे अपनी फोटो खींचने के लिए कहा. लेकिन जल्द ही बातचीत का स्वर असहज हो गया.
सारा ने बताया कि उन पुरुषों में से एक ने उनसे उनका कमरा नंबर पूछना शुरू कर दिया और फिर बेहद Offensive बातें कही. सारा के मुताबिक, उस व्यक्ति ने कहा कि मैं तुम्हारे साथ सोऊंगा, तुम्हें अच्छा लगेगा और तुम मुझसे प्यार करने लगोगी. ये सुनकर सारा डर गईं और खुद को अनसेफ महसूस करने लगीं. उन्होंने तुरंत वहां से जाने की हिम्मत नहीं जुटाई, क्योंकि उन्हें डर था कि कहीं वे लोग उनका पीछा न करें. इसलिए वह पूल के पास ही रहीं जब तक कि वे दोनों वहां से चले नहीं गए.
इस घटना के तुरंत बाद सारा ने अपने पति को इसकी जानकारी दी. क्रेग ने होटल के जनरल मैनेजर से कांटेक्ट किया. रिपोर्ट के मुताबिक, होटल मैनेजमेंट ने शुरुआत में माफी मांगी और कहा कि उन्होंने सीसीटीवी फुटेज देख ली है. एक व्हाट्सऐप संदेश में मैनेजर ने कथित तौर पर लिखा कि आपकी दी गई जानकारी के आधार पर हमने रिकॉर्डिंग देखी और वे लोग होटल छोड़ चुके हैं.
पैनिक अटैक का शिकार हुई महिला
होटल ने स्थिति को संभालने के लिए दंपति को एक बेहतर सुइट में अपग्रेड किया और एक्सट्रा सिक्योरिटी देने का वादा दिया. इन बातों को देखते हुए दोनों ने वहीं ठहरने का फैसला किया, लेकिन कुछ ही दिनों बाद स्थिति फिर बिगड़ गई. सारा का कहना है कि उन्होंने होटल लॉबी में वही दोनों व्यक्ति फिर से देखे. उन्होंने सुरक्षा कर्मचारियों से मदद मांगी, लेकिन उनके अनुसार किसी ने उनकी बातों को सीरियस नहीं लिया और हैरानी की बात तो ये है कि एक गार्ड ने तो उनकी बात पर हंस भी दिया.
इस प्रतिक्रिया से सारा को गहरा सदमा लगा और उन्हें पैनिक अटैक आ गया. ये एक्सपीरियंस उनके लिए बेहद भयावह था. इसके बाद क्रेग ने अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए ट्रिपएडवाइज़र पर एक रिव्यू लिखा, जिसमें उन्होंने होटल को वेस्टर्न महिलाओं के लिए अनसेफ बताया. हालांकि बाद में होटल द्वारा आपत्ति जताने के बाद यह रिव्यू प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया.
मामला तब और गंभीर हो गया जब क्रेग काम के सिलसिले में दोबारा क़तर लौटे. वहां पहुंचते ही उन्हें एयरपोर्ट पर रोक लिया गया. उन्हें बताया गया कि उनके खिलाफ साइबर क्राइम कानून के तहत कार्रवाई की गई है और उन्हें दोषी ठहराया गया है. उन पर 20,000 क़तरी रियाल का जुर्माना लगाया गया और शुरुआत में जेल की सजा भी सुनाई गई. हालांकि बाद में अपील के बाद जेल की सजा हटा दी गई, लेकिन क्रेग का कहना है कि अक्टूबर में उन्हें फिर से हिरासत में लिया गया और चार दिन तक बंद रखा गया. इसके बाद उन्हें देश से बाहर भेज दिया गया.
क्रेग ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सिर्फ एक ऑनलाइन रिव्यू का मामला नहीं है. उनके अनुसार, वह केवल अपनी पत्नी की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे, जो उस घटना के बाद खुद को बेहद असुरक्षित और डरी हुई महसूस कर रही थीं. उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी को सच में लगा था कि उसके साथ कुछ बहुत गलत हो सकता है. ये घटना कई सवाल खड़े करती है, खासकर यात्रियों की सुरक्षा, शिकायतों के निपटारे और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर. एक साधारण यात्रा कैसे इतनी जटिल और तनावपूर्ण स्थिति में बदल सकती है, यह इस कहानी से साफ झलकता है.





