नवरात्रि के व्रत में फलाहार के तौर पर कुट्टू का आटा भी शामिल किया जाता है. हाल ही में एक मामला सामने आया है जिसमें यूपी के रामपुर में कुट्टू के आटे से बनी चीजें खाने से 25 लोगों की तबीयत खराब होने की जानकारी है. सभी को उल्टी, दस्त जैसी शिकायतें रहीं, इसके बाद खाद्य विभाग जांच में जुट गया. ये पहली बार ऐसा नहीं है कि कुट्टू का आटा खाने से तबियत बिगड़ी हो, इसलिए जरूरी है कि आप अगर व्रत के दौरान कुट्टू के आटे से कोई भी व्यंजन बनाने जा रहे हैं तो पहले कुछ बातों को ध्यान में जरूर रखें.

कुट्टू के आटे से तबीयत बिगड़ने के कई कारण हो सकते हैं जैसे इसमें मिलावट होना या फिर ये काफी पुराना हो चुका हो. इस वजह से फूड पॉइजनिंग हो सकती है. तो चलिए जान लेते हैं कि ये कैसे पहचान सकते हैं जो कुट्टू का आटा आप खा रहे हैं वो सही है या फिर नहीं.
खुला आटा खरीदने से बचें
कुट्टू के आटे को व्रत के दौरान या फिर आम दिनों में भी खाना हो तो खुला आटा न खरीदें, क्योंकि हो सकता है कि ये कई दिन पुराना हो और खराब हो चुका हो. कई बार दुकानदार पुरानेसड़े आटे को छानकर बेच देते हैं जो आपको बीमार कर सकता है. अगर आटे में धागे जैसे दिख रहे हो या गांठें और नमी हो तो भी नहीं खरीदना चाहिए, क्योंकि ये फंगस हो सकती है.
पैकेट खरीदते वक्त दें ये ध्यान
कुट्टू के आटे का पैकेट ही लें. इसमें भी ध्यान रखें कि ये किसी अच्छे सर्टिफाइड ब्रांड का हो. इसके साथ ही ये जरूर देख लें कि निर्माण तिथि क्या है और एक्सपायरी डेट क्या होगी. ज्यादातर लोग आटा खरीदते वक्त एक्सपायरी डेट पर ध्यान नहीं देते हैं जो आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है.
रंग पर दें ध्यान
आपने जो कुट्टू का आटा खरीदा है उसके रंग पर ध्यान जरूर दें. फ्रेश आटा हल्का ग्रे या भूराभूरा सा होता है. अगर ये ज्यादा काला दिख रहा है या रंग डार्क है, उसमें पीलापन है तो इसका इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि हो सकता है कि ये मिलावटी आटा हो.
स्वाद और गंध करें चेक
आटे की पूरी, पराठे, चीला आदि बनाने से पहले चुटकीभर आटा लेकर इसे सूखा ही चखकर जरूर देखें. अगर ये स्वाद अजीब सा महसूस हो तो इसका इस्तेमाल न करें. ताजे आटे में हल्की मिट्टी या नट्स जैसी नेचुरल सौंधी खुशबू होती है अगर आपको असामान्य गंध आए तो इसको खाने से बचें.
ये सावधानियां बरतें
- हमेशा ध्यान रखें कि कुट्टू का आटा बहुत ज्यादा मात्रा में न खरीदें ये जल्दी खराब हो जाता है.
- घर में भी आटा लाए हैं और कुछ ही दिन यूज करना है तो इसे हमेशा एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें.
- पहली बार कुट्टू का आटा खा रहे हैं तो इसे कम मात्रा में ही लें, क्योंकि कुछ लोगों को इसके प्रोटीन से एलर्जी हो सकती है.
- पकाने के दौरान भी अगर चीला या इससे बने पराठे ज्यादा डार्क रंग के दिखें और अजीब या कड़वा स्वाद हो तो बिल्कुल भी न खाएं.