बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में जोहरा सेहगल का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है. जोहरा सेहगल ने देश-विदेश की कई सारी भाषाओं में फिल्में की और फैंस का भरपूर मनोरंजन किया. वहीं उनका करियर भी 7 दशक लंबा रहा.

जब जोहरा सेहगल का निधन हुआ उस दौरान वे 102 साल की थीं. शायद ही बॉलीवुड में इतनी लंबी उम्र तक कोई जिंदा रहा होगा. साल 2007 में 95 साल की उम्र में उन्होंने अपना आखिरी फिल्म की थी. इस फिल्म का नाम सांवरिया था और इसी फिल्म से रणबीर कपूर ने अपना करियर शुरू किया था.
जोहरा सेहगल ने पहली फिल्म साल 1935 में की थी जिसका नाम रोमांटिक इंडिया था. 1943 में उनकी फिल्म राहगीर आई थी. लेकिन 1946 में उनकी फिल्म नीचा नगर रिलीज हुई थी. इस फिल्म को भारत में तो पसंद किया ही गया था साथ ही इसे विदेशों में भी सम्मान मिला था.
फिल्म ने कान्स में ग्रांड प्रिक्स अवॉर्ड जीता था जिसे आज के दौर में ‘पाल्मे डी’ओर’ के नाम से जाना जाता है. खास बात तो ये थी कि फिल्म को कान्स के पहले संस्करण में ही इस अवॉर्ड से नवाजा गया था.
इसके अलावा वे धरती के लाल, द गुरु, डॉक्टर व्हू, टेल्स दैट विटनेस मैडनेस, माइंड योर लैंग्वेज, द ज्वेल इन द क्रोन, तंदूरी नाइट्स, द बिल, दिल से, हम दिल दे चुके सनम, वीर जारा, बेंड इट लाइक बेकहम, चीनी कम, सांवरिया और द मिस्ट्रेस ऑफ़ स्पाइसेज़ जैसी फिल्मों में काम किया.
जोहरा सेहगल को भारत सरकार द्वारा कई सारे अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया. उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसा राष्ट्रीय सम्मान मिला. वहीं उन्हें संगीत नाटक अकादमी और कालीदास सम्मान से भी नवाजा गया.





