Thursday, April 16, 2026
Health

Migraine Mistakes: माइग्रेन के दर्द में न करें गलतियां? एक्सपर्ट्स से जानें

सिर के किसी एक हिस्से में सुई की चुभन जैसा दर्द होना माइग्रेन कहलाता है. कुछ लोगों को आधे सिर में तेज दर्द होता है. ये कई घंटों से लेकर कई दिनों तक भी रह सकता है. माइग्रेन का लोग इलाज ढूंढते हैं लेकिन अगर ये किसी को अपनी चपेट में ले लेता है तो लंबे समय तक प्रभावित करता है. दरअसल, ये एक तरह की न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम है जिसमें न सिर्फ सिर में तेज दर्द होता है बल्कि उल्टी, मतली, तेज रोशनी और आवाज से दिक्कत होती है. इसके लक्षणों में आंखों के सामने चमक या धुंधला दिखना भी शामिल है. इसके अलावा सिर में झुनझुनी महसूस होती है और बोलने में भी समस्या आती है.

Migraine Mistakes: माइग्रेन के दर्द में न करें गलतियां? एक्सपर्ट्स से जानें
Migraine Mistakes: माइग्रेन के दर्द में न करें गलतियां? एक्सपर्ट्स से जानें

इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं कि माइग्रेन से जुड़ी कौन सी गलतियां लोग दोहराते हैं. साथ ही जानें इसे कंट्रोल या इससे राहत पाने के लिए कौन से उपाय किए जा सकते हैं.

क्यों होता माइग्रेन का दर्द

रिसर्च के मुताबिक हमारे दिमाग में होने वाले केमिकल चेंज, जैसे सेरोटोनिन के लेवल में गिरावट हमारे नर्व सिस्टम को ज्यादा सेंसिटिव बना देते हैं. इस वजह से सिर में अक्सर होने वाला दर्द ट्रिगर होता है. माइग्रेन के होने पर ज्यादा स्ट्रेस, नींद की कमी, हार्मोनल बदलाव होते हैं. हार्मोनल चेंजेस का ज्यादा असर महिलाओं में पीरियड और प्रेगनेंसी के दौरान होता है. इसके अलावा तेज रोशनी, शोर या तेज आवाज, कुछ खास खाने-पीने की चीजें जैसे चॉकलेट, वाइन और खराब लाइफस्टाइल भी माइग्रेन को बढ़ा सकता हैं.

पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में माइग्रेन का खतरा ज्यादा होता है. अगर उम्र के हिसाब से इस मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम के आंकड़े को देखें तो 15 से 55 साल की उम्र के लोगों में इसके मामले ज्यादा देखे जाते हैं.

इन गलतियों से बढ़ सकता है माइग्रेन का दर्द

पूरी नींद न लेना

जीबी पंत हॉस्पिटल में न्यूरो सर्जरी डिपार्टमेंट में पूर्व डॉ. दलजीत सिंह बताते हैं कि अगर किसी भी व्यक्ति को माइग्रेन है तो उसे गलती से भी पूरी नींद न लेने की गलती नहीं करनी चाहिए. कभी-कभी ऐसा चल सकता है लेकिन अगर आप इसे आदत बना लेते हैं तो माइग्रेन का लेवल और ज्यादा बढ़ सकता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि नींद पूरी करने से हमारा दिमाग शांत होता है और शरीर भी रिलैक्स हो पाता है. कई रिसर्च में सामने आया है कि लोगों की बिगड़ी हुई मेंटल हेल्थ का एक बड़ा कारण नींद ठीक से न लेने की आदत भी है. आज के समय में लोग फोन या दूसरी स्क्रीन पर घंटों लगे रहते हैं. इससे स्लीपिंग पैटर्न बिगड़ता है. डॉ. दलजीत के मुताबिक हमें रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए.

तेज आवाज से बचें

माइग्रेन वालों को तेज आवाज से भी खासी समस्या रहती है. तेज आवाज या शोर के बीच जाने के कारण माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है. कुछ लोग तेज आवाज में गाने सुनते हैं और अगर कोई माइग्रेन से प्रभावित इंसान ऐसा करता है तो उसे कुछ समय बाद ही गंभीर दिक्कत हो सकती है. इस मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम को कम करने के लिए शांत जगह पर कुछ देर बिताने चाहिए. ऐसा करने से दिमाग शांत होता है और स्ट्रेस कम होता है.

खाली पेट रहना

एक्सपर्ट बताते हैं कि खानपान में गलती भी भारी पड़ सकती है. माइग्रेन या नॉर्मल इंसान को भी देर तक खाली पेट नहीं रहना चाहिए. डाइट और फिटनेस के लिए लोग अब एक टाइम भूखे रहते हैं. इस वजह से शरीर में न्यूट्रिएंट्स की कमी होती है जिसका बुरा असर न सिर्फ हमारे शरीर पर पड़ता है बल्कि मेंटल हेल्थ भी डिस्टर्ब होती है. इसके अलावा ज्यादा कैफीन वाली चीजों को भी खाने या पीने से बचना चाहिए. ये हमारे स्लीपिंग पैटर्न को डिस्टर्ब करती हैं.

khabarmonkey@gmail.com

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