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Iron therapy uses : आयरन थेरेपी क्या होती है, किन मरीजों को होती है जरूरत

अगर आपके शरीर में आयरन और हीमोग्लोबिन कम है और ये किसी तरह की डाइट या सामान्य दवा से कंट्रोल नहीं हो रहा है तो डॉक्टर आयरन थेरेपी कराने की सलाह देते हैं. ये थेरेपी क्या है कैसे दी जाती है इस बारे में एक्सपर्ट से जानते हैं. दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में हेमेटोलॉजिस्ट डॉ रोहित कपूर बताते हैं कि आयरन थेरेपी एक ऐसा ट्रीटमेंट है जिसमें मरीज को आयरन की कमी पूरी करने के लिए इंजेक्शन या ड्रिप के जरिए आयरन दिया जाता है.

Iron therapy uses : आयरन थेरेपी क्या होती है, किन मरीजों को होती है जरूरत
Iron therapy uses : आयरन थेरेपी क्या होती है, किन मरीजों को होती है जरूरत

आयरन थेरेपी उन मरीजों के लिए है जिनके शरीर में खून की कमी हो गई है और अन्य तरीकों से पूरी नहीं हो रही है. इस थेरेपी से मरीज में रेड ब्लड सेल्स की संख्या बढ़ती है और ऑक्सीजन की सप्लाई बेहतर होती है. थेरेपी के जरिए शरीर में का काउंट बढ़ाया जाता है ताकि मरीज को कोई खतरनाक स्वास्थ्य समस्या न हो जाए. हालांकि ये थेरेपी हर उस मरीज के लिए नहीं है जिसका हीमोग्लोबिन कम है. इसको करने से पहले डॉक्टर दूसरे तरीकों पर भी विचार करते हैं, लेकिन जब हीमोग्लोबिन बढ़ता नहीं है और मरीज को कोई रिस्क लगे, तब ये थेरेपी दी जाती है.

किन मरीजों को होती है जरूरत?

आयरन थेरेपी उस मरीज को दी जाती है जिसमें हीमोग्लोबिन 6 से कम होता है और किसी तरह के खानपान या फिर आयरन की सामान्य दवाओं से नहीं बढ़ता है. ये थेरेपी जिन मरीजों को बार-बार कमजोरी, चक्कर और थकान महसूस होती है उनको भी दी जाती है. इसके अलावा जिनके शरीर में आयरन का अवशोषण सही से नहीं हो पाता उनके लिए भी ये थेरेपी कारगर है

इसके फायदे क्या हैं?

  • शरीर में आयरन की कमी दूर करना
  • हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद
  • थकान और कमजोरी में कमी
  • इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाना

आयरन थेरेपी कैसे दी जाती है

सीधे नस के जरिए
इंजेक्शन के रूप में

डॉक्टर की सलाह जरूरी

आयरन थेरेपी कभी भी आपको डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेनी चाहिए. ऐसा नहीं है कि शरीर में हीमोग्लोबिन कम हुआ और आपने ये थेरेपी ले ली. इसके लिए डॉक्टर से संपर्क करें अगर डॉक्टर लिखता है तभी ये थेरेपी कराएं.

khabarmonkey@gmail.com

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