Healthy Diet For Diabetes Management: मौजूदा समय में डायबिटीज एक बहुत ही कॉमन बीमारी बन चुकी है। ये बीमारी बुजुर्गों के साथ-साथ बच्चों को भी अपनी शिकार बना रही है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, डायबिटीज में ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करना बेहद जरूरी है। अगर इसे कंट्रोल में न रखा जाए तो मरीज की जान भी जा सकती है।

ऐसे में डायबिटीज के मरीजों को अपने खान-पान का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को ब्रेकफास्ट में भी ऐसी चीजें शामिल करनी चाहिए जो उनका ब्लड शुगर न बढ़ने दे। ऐसे में अक्सर लोगों के बीच इस बात की कंफ्यूजन रहती है कि नाश्ते में ओट्स या दलिया क्या खाना बेस्ट होता है।
डायबिटीज में ओट्स या दलिया क्या खाना चाहिए?
में ओट्स और दलिया दोनों ही बेहतरीन विकल्प हैं, क्योंकि इनमें भरपूर फाइबर होता है जो ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने से रोकता है। पोषण के मामले में दोनों समान रूप से फायदेमंद है। आप स्वाद और अपनी सुविधा के अनुसार दोनों में से किसी का भी सेवन कर सकते है।
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दलिया या ओट्स
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, डायबिटीज में दोनों का सेवन फ़ायदेमंद बताया गया है। डायबिटीज में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) वाली चीजें खाना बेहतर माना जाता है, ताकि ब्लड शुगर अचानक न बढ़े। दलिया का GI लगभग 51-55 होता है, इसलिए यह धीरे-धीरे पचकर शुगर कंट्रोल में मदद करता है।
वहीं, स्टील-कट ओट्स का GI भी कम होता है, लेकिन इंस्टेंट या फ्लेवर्ड ओट्स का GI 65 से ज्यादा हो सकता है। ओट्स में मौजूद बीटा-ग्लुकन फाइबर इंसुलिन सेंसिटिविटी और कोलेस्ट्रॉल सुधारने में मदद करता है, जबकि दलिया का इनसॉल्युबल फाइबर पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद माना जाता है।
डायबिटीज मरीजों लिए क्या है बेस्ट?
डायबिटीज में दोनों ही अपनी-अपनी जगह बेस्ट हैं। अगर आप ओट्स चुन रहे हैं तो पैकेट वाले ‘इंस्टेंट’ या ‘मसाला ओट्स’ से दूर रहें। हमेशा स्टील-कट ओट्स या रोल्ड ओट्स ही खाएं। अगर आप दलिया चुन रहे हैं तो यह एक नेचुरल और अनप्रोसेस्ड विकल्प है, जिसे आप बेझिझक अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।





