Etawah News: इटावा जिले के भरथना थाना क्षेत्र के चंदेठी गांव में पत्नी और सास की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी पति सत्येंद्र यादव को भी गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक, सत्येंद्र ने अपनी पत्नी मंजू यादव उर्फ निर्मला और सास पुष्पा देवी की हत्या की साजिश अपने रिश्तेदार और बर्खास्त सैनिक मुकेश यादव के साथ मिलकर रची थी. पुलिस ने आरोपी के पास से तमंचा, कारतूस और मृतका की पायल बरामद की है.

17 अगस्त को घर में मिले थे दोनों के शव
चंदेठी गांव में 17 अगस्त को मंजू यादव और उनकी मां पुष्पा देवी के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी. सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और घटनास्थल की जांच शुरू की. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसओजी, सर्विलांस और भरथना पुलिस की संयुक्त टीमें आरोपियों की तलाश में लगाई गईं. SSP बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने मामले के खुलासे की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने पहले बर्खास्त सैनिक मुकेश यादव को गिरफ्तार किया था. अब मुख्य आरोपी और मंजू के पति सत्येंद्र यादव को भी पकड़ लिया गया है.
पत्नी से चल रहा था वैवाहिक विवाद
पुलिस के मुताबिक, सत्येंद्र यादव अलीगढ़ में पंचायत राज विभाग में सफाई कर्मी के पद पर तैनात था. उसकी शादी 2021 में चन्देठी निवासी मंजू यादव उर्फ निर्मला से हुई थी. शादी के बाद दोनों के बीच विवाद होने लगा. इसके बाद मंजू अपने मायके में रहने लगी. पुलिस का कहना है कि मंजू ने अपनी मां पुष्पा देवी के साथ मिलकर पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की थी. इसी विवाद के बीच दोनों पक्षों के बीच मामला कोर्ट तक पहुंच गया था.
गुजारा भत्ता बढ़ने के डर से रची साजिश
पुलिस पूछताछ में सत्येंद्र ने बताया कि अदालत ने उसकी पत्नी को तीन लाख रुपए और सात हजार रुपए प्रतिमाह गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था. आरोपी को आशंका थी कि ससुराल पक्ष गुजारा भत्ता बढ़वाने के लिए दोबारा कोर्ट का रुख कर सकता है. पुलिस के अनुसार, आरोपी को डर था कि अगर गुजारा भत्ता बढ़कर 20 से 25 हजार रुपए प्रतिमाह हो गया तो उस पर आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा. इसी भुगतान से बचने के लिए उसने पत्नी और सास की हत्या की योजना बनाई.
बर्खास्त सैनिक के साथ मिलकर बनाई योजना
पुलिस के मुताबिक, सत्येंद्र ने हत्या की साजिश अपने रिश्तेदार और बर्खास्त सैनिक मुकेश यादव के साथ मिलकर बनाई. दोनों 15 अगस्त को चौपला पुल के पास मिले थे. पुलिस का दावा है कि यहां से दोनों ने चार छोटी कोल्ड ड्रिंक की बोतलें खरीदीं. आरोप है कि इनमें से दो बोतलों में नींद की गोलियां मिला दी गईं. इसके बाद मुकेश पहले चन्देठी पहुंचा, जबकि सत्येंद्र भी बाद में वहां पहुंच गया.
नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर की हत्या
पुलिस के अनुसार, मुकेश ने मंजू और पुष्पा देवी को नशीली कोल्ड ड्रिंक पिला दी. दोनों के बेहोश होने के बाद सत्येंद्र वहां पहुंचा. पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों ने पुष्पा देवी के हाथपैर दुपट्टे से बांध दिए. इसके बाद सत्येंद्र ने दरांती से पहले अपनी सास पुष्पा देवी और फिर पत्नी मंजू के गले पर वार किया. दोनों की मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए.
मुकेश को दिए ढाई लाख रुपए
पुलिस पूछताछ में सत्येंद्र ने बताया कि हत्या के बाद उसने मुकेश यादव को फरार रहने के लिए ढाई लाख रुपए दिए थे. इसके बाद मुकेश वहां से चला गया और सत्येंद्र भी घटनास्थल से फरार हो गया. 17 अगस्त को दोनों महिलाओं के शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी. पुलिस टीमों ने आरोपियों की तलाश के लिए तकनीकी निगरानी और अन्य माध्यमों का इस्तेमाल किया.
पहले मुकेश, अब सत्येंद्र गिरफ्तार
पुलिस ने सोमवार को बर्खास्त सैनिक मुकेश यादव को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के बाद उसे जेल भेज दिया गया. इसके बाद पुलिस मुख्य आरोपी सत्येंद्र यादव की तलाश में जुटी रही. SSP के मुताबिक, 20 और 21 अगस्त की रात पुलिस को सूचना मिली कि सत्येंद्र तुरैया पुल के पास एक मंदिर के नजदीक मौजूद है. पुलिस का दावा है कि वह गवाहों को धमकाने के इरादे से वहां पहुंचा था.
पुलिस पर फायरिंग का आरोप
पुलिस के अनुसार, टीम ने सत्येंद्र को पकड़ने की कोशिश की तो उसने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग कर दी. इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने सत्येंद्र के कब्जे से 315 बोर का एक तमंचा, तीन जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया है. इसके अलावा मृतका की एक जोड़ी पायल भी बरामद हुई है.
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में भरथना थाने में हत्या, आर्म्स एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है. पहले मुकेश यादव और अब सत्येंद्र यादव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का कहना है कि हत्याकांड की साजिश और वारदात से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं.