Lucknow News: लखनऊ के गोमतीनगर में पत्नी और बहन की हत्या के बाद आत्महत्या करने वाले मानस मामले में अब दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कई गंभीर सवाल उठाए हैं. प्रज्ञा ने एक CCTV फुटेज शेयर करते हुए अपनी सफाई दी और कहा कि मानस ने अपने WhatsApp स्टेटस में उनका नाम लिखकर यह दावा किया था कि उन्हें पूरी जानकारी थी. प्रज्ञा ने कहा कि उन्हें यह जरूर पता था कि मानस उनकी बहन के साथ क्रूर व्यवहार करता था, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि मामला हत्या तक पहुंच जाएगा.

CCTV शेयर कर बताई घटना की जानकारी
प्रज्ञा ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि दिव्या की हत्या से पहले और घटना के आसपास के समय के कुछ CCTV फुटेज सामने आए हैं. उनके मुताबिक, एक फुटेज में दिव्या कैब से ऑफिस जाती हुई दिखाई दे रही हैं. एक अन्य CCTV में बैंक के सामने घटना के दौरान लोगों की भीड़ भागती नजर आ रही है. प्रज्ञा ने दावा किया कि फुटेज में मानस दिव्या पर हमला करता हुआ दिखाई दे रहा है. उन्होंने कहा कि मामले की जांच में सभी CCTV फुटेज को गंभीरता से देखा जाना चाहिए, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके.
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मुझे पता था कि मेरी बहन के साथ क्रूरता होती थी
प्रज्ञा ने कहा कि मानस ने अपने WhatsApp स्टेटस में लिखा था कि हत्या से जुड़ी सारी जानकारी उन्हें और उनके पति को थी. इस पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी बहन से उसके वैवाहिक जीवन में हो रही प्रताड़ना की जानकारी थी. उन्होंने आरोप लगाया कि छोटीछोटी बातों को लेकर मानस दिव्या के साथ मारपीट करता था. प्रज्ञा ने अपनी पोस्ट में ब्लिंकिट से मंगाए गए टमाटरों का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई टमाटर खराब निकलता था तो मानस दिव्या को इसके लिए जिम्मेदार ठहराकर उसके साथ मारपीट करता था.
प्रज्ञा के मुताबिक, दिव्या अपने पति से अलग होना चाहती थी और इसको लेकर परिवार में भी बात चल रही थी. उन्होंने दावा किया कि दिव्या ने उन्हें बताया था कि फैमिली कोर्ट में काउंसलर के साथ भी मानस की बहस हुई थी. प्रज्ञा ने यह भी बताया कि शादी के समय मानस ने घर के खर्चों को लेकर एक सूची बनाई थी और दोनों को खर्च का हिस्सा उठाने की बात कही थी. दिव्या ने शुरुआत में इसे स्वीकार किया था, लेकिन बाद में उसने अपने हिस्से का खर्च देना बंद कर दिया था. प्रज्ञा के मुताबिक, दिव्या को आशंका थी कि उसका पति इस बात को लेकर भी उसके खिलाफ नाराजगी रखता था.
दिव्या चाहती थी कि सब ठीक हो जाए
प्रज्ञा ने अपनी पोस्ट में कहा कि दिव्या अपने वैवाहिक जीवन में परेशानियों के बावजूद रिश्ते को बचाने की कोशिश कर रही थी. उन्होंने बताया कि दिव्या ने अब तक मानस के नाम का टैटू भी नहीं हटवाया था. प्रज्ञा के मुताबिक, दिव्या के मन में कहीं न कहीं यह उम्मीद थी कि उसका पति सुधर जाएगा और दोनों के बीच सब कुछ ठीक हो जाएगा. उन्होंने कहा कि दिव्या तीज का व्रत भी रखने वाली थी.
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पहले भी दिव्या का पीछा करने का आरोप
प्रज्ञा ने दावा किया कि मानस पहले भी दिव्या का पीछा कर चुका था. उन्होंने बताया कि तनाव के कारण कुछ दिन पहले दिव्या का एक्सीडेंट हो गया था. उसके हाथपैर में चोट आई थी. करीब डेढ़ से दो महीने बाद उसने दोबारा ऑफिस जाना शुरू किया था. प्रज्ञा के मुताबिक, हादसे के बाद भी दिव्या पूरी तरह ठीक नहीं हुई थी और चलते समय लंगड़ाती थी. घटना वाले दिन भी वह घर से निकलते समय लंगड़ा रही थी.
ऑटो से आया था तो चालक की भी जांच हो
प्रज्ञा ने घटना में इस्तेमाल वाहन को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि मानस कार नहीं चला पाता था. ऐसे में अगर वह ऑटो से घटनास्थल तक पहुंचा और उसी से वापस गया तो ऑटो चालक की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि आरोपी के पास तीन रिवॉल्वर कैसे आए और उन्हें हथियार किसने उपलब्ध कराए. हालांकि, इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस जांच में ही इन सवालों के जवाब सामने आ सकेंगे.