DA Merger Update: 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारियों के बीच चर्चा है कि क्या 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता बेसिक सैलरी में मर्ज हो जाएगा। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि DA के 50% या 60% होते ही वो अपने आप बेसिक पे में जुड़ जाता है। हालांकि, अभी आयोग की ओर से DA मर्जर पर कोई आखिरी फैसला नहीं लिया गया है।

मुंबई की मीटिंग के बाद क्या है स्थिति ?
जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले 8वें वेतन आयोग की 23 अक्टूबर को मुंबई में मीटिंग हुई। इसमें कर्मचारी संगठनों ने DA मर्जर का मुद्दा उठाया। फिलहाल आयोग ने इस पर कोई आखिरी फैसला नहीं किया है। DA को बेसिक सैलरी में मर्ज किया जाएगा या नहीं, यह आयोग की सिफारिश और सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
50% या 60% DA होते ही नहीं होता मर्जर
कर्मचारियों के बीच ये गलतफहमी है कि महंगाई भत्ता एक तय सीमा पर पहुंचते ही अपने आप बेसिक सैलरी में जुड़ जाता है। पिछले वेतन आयोगों का इतिहास कुछ और बताता है।
5वें वेतन आयोग की सिफारिश थी कि महंगाई बढ़ने पर 50% से ज्यादा DA को डियरनेस पे में बदला जाए।
6वें वेतन आयोग ने DA मर्जर के विचार को खारिज किया और साल में 2 बार DA रिवीजन को पर्याप्त माना।
7वें वेतन आयोग ने DA मर्जर के लिए कोई अलग नियम नहीं बनाया।
क्या चाहते हैं कर्मचारी संगठन ?
FNPO की मांग है कि DA के 25% की सीमा पार करते ही इसे बेसिक पे में मर्ज किया जाना चाहिए। वहीं भारत पेंशनर्स समाज चाहता है कि DA और DR में हर 6 महीने के बजाय हर 3 महीने में बदलाव किया जाए। संगठन ने तय सीमा के बाद DR को बेसिक पेंशन में मर्ज करने की मांग भी रखी है। कुछ कर्मचारी संगठनों ने इंडस्ट्रियल लेबर्स के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी AICPIIW की समीक्षा की मांग भी की है, ताकि यह मौजूदा घरेलू खर्चों के हिसाब से हो सके।
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कब तक हो सकता है फैसला ?
DA मर्जर, नए फॉर्मूले और किसी तय तारीख से जुड़ी बातें अभी कर्मचारी संगठनों की मांग हैं, फैसला नहीं। सूत्रों के मुताबिक मईजून 2027 के आसपास आयोग की सिफारिशें सामने आने की उम्मीद है।
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नई सैलरी पर क्या होगा असर ?
8वें वेतन आयोग के लागू होने पर फिटमेंट फैक्टर और उस समय के DA को ध्यान में रखकर नई बेसिक सैलरी तय की जाएगी। फिलहाल 1.92 या उससे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की चर्चा है। हालांकि, DA मर्जर और नई सैलरी से जुड़े आखिरी फैसले के लिए आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी का इंतजार करना होगा।
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