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ओडिशा की ऐसी जगहें जो किसी अजूबे से नहीं हैं कम, देखकर आंखों पर नहीं होगा यकीन

भारत का पूर्वी राज्य ओडिशा श्री जगन्नाथ पुरी के लिए तो जाना ही जाता है. इसके अलावा यहां की नेचुरल ब्यूटी से लेकर कई ऐसे स्ट्रक्चर हैं जो ऐतिहासिक कहानियां अपने में समेटे हुए हैं और उनकी अद्भुत कारीगरी को करीब से देखना एक अमेजिंग यहां आने वाले टूरिस्ट्स के लिए अमेजिंग एक्सपीरियंस होता है. इसके अलावा यहां समुंदर से लेकर पहाड़ों तक नेचुरल व्यू वाली शानदार जगहें भी हैं, लेकिन इस आर्टिकल में हम बात करेंगे उन जगहों की जो देखने में किसी अजूबे से कम नहीं हैं और हैरान कर देती है.

ओडिशा की ऐसी जगहें जो किसी अजूबे से नहीं हैं कम, देखकर आंखों पर नहीं होगा यकीन
ओडिशा की ऐसी जगहें जो किसी अजूबे से नहीं हैं कम, देखकर आंखों पर नहीं होगा यकीन

कान्हा कुंड ओडिशा

ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में स्थित है कान्हा कुंड. यहां की प्राकृतिक खूबसूरती तो देखने लायक है ही. इसके अलावा नदी के चारों तरफ की चट्टानों की आकृति आपको हैरानी में डाल देगी. ये जगह ईब नदी के किनारे स्थित है. जहां चट्टानों के बीच में नीला साफ पानी बहता है तो वहीं यहां पत्थरों के अनूठ स्ट्रक्चर हैं बने हुए हैं जो पानी के कटाव से नेचुरली बने हैं. कई जगह चट्टानों में भी छोटे-छोटे कुंड बन गए हैं जो देखने में बेहद खूबसूरत लगते हैं. इसे ओडिशा का ‘ग्रैंड कैन्यन’ भी कहते हैं.

कैसे पहुंचें यहां?

ये जगह सुंदरगढ़ में बाली संकरा के पास स्थित है. जिला मुख्यालय से इसकी दूरी तकरीबन 44 से 45 किमी पड़ती है. नजदीकी रेलवे स्टेशन झारसुगुड़ा पड़ता है तो वहीं राउरकेला से आप सड़क मार्ग से यहां पहुंच सकते हैं.

ओडिशा का तप्तपानी

अगर आप ओडिशा आएं तो एक बार तप्तपानी जरूर विजिट करना चाहिए. यहां पर गर्म पानी का झरना है, जहां कुंड भी स्थित है. तप्त पानी यानी गर्म पानी. दरअसल यहां पर प्राकृतिक झरने का पानी नेचुरली गर्म होता है. माना जाता है कि झरने के पास बने तालाब में स्नान करने से त्वचा रोग ठीक हो जाते है तो वहीं जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं में भी आराम मिलता है. दरअसल इस झरने से गिरने वाले पानी में गंधक समेत कई औषधीय गुण पाए जाते हैं.

सांस्कृतिक महत्व भी है

इस जगह का सांस्कृतिक महत्व भी है. दरअसल यहां पर कंधुनी देवी मंदिर है. स्थानीय आदिवासी लोग यहां पर पूजन करते हैं. संक्रांति से लेकर कई त्योहारों पर यहां पर श्रद्धालु जुटते हैं जो पूजन के साथ ही स्नान भी करते हैं.

कैसे पहुंचें तप्तपानी

ये जगह ओडिशा के गंजाम जिले में पड़ती है जो चारों तरफ घने जंगलों के साथ ही पहाड़ियों से घिरी हुई है. यहां का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन बरहामपुर है, जो तकरीबन 50 किमी पड़ता है. इसके अलावा बरहामपुर हावड़ा-चेन्नई जैसे मुख्य मार्गों से भी कनेक्टेड है, इसलिए टैक्सी, कैब और बसें आराम से मिल जाती हैं.

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रेड मड पौंड

ओडिशा का रेड मड पौंड (लाल मिट्टी का तालाब) एक ऐसी जगह है जहां पर आपको लगेगा ही नहीं कि धरती पर हैं. दूर तक फैली लाल धरती हैरान कर देती है. इसकी सतह की बनावट की वजह से लोग मार्स से भी इसकी तुलना करते हैं. हालांकि रेड मड पाउंड कोई घूमने जैसी जगह नहीं है. दरअसल ये एल्यूमिना रिफाइनरी का औद्योगिक अपशिष्ट भंडारण क्षेत्र है. जो देखने में भले ही बेहद खूबसूरत लगता है, लेकिन खतरनाक भी है, क्योंकि यहां पर केमिकल ही केमिकल है. इसमें आयरन ऑक्साइड की बहुत ज्यादा मात्रा होने की वजह से मिट्टी का रंग लाल है और इसका पीएच (pH) स्तर 10.5 से 13.5 के बीच हो सकता है जो बहुत ज्यादा जहरीला होता है.

ओडिशा में कहां है मड पौंड?

रेड मड पौंड ओडिशा के कोरापुट जिले के दमनजोड़ी में पड़ता है. वैसे तो माना जाता है कि यहां जाना हेल्थ के लिए सही नहीं रहता है, लेकिन मार्स जैसी अनोखी बनावट की वजह से ये जगह फोटोग्राफी के लिए पॉपुलर हो गई है. यहां जाने वाले लोगों को भी खास सावधानियां बरतनी चाहिए जैसे अगर फोटो ले रहे हैं तो सुरक्षित जग से ही लें और किसी ऊंचे और सूखे स्थान पर रहें.

khabarmonkey@gmail.com

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