Karwa Chauth Vrat Mistakes:करवा चौथ का त्योहार शादीशुदा महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के साथ व्रत रखती हैं। कई महिलाएं पूरे दिन बिना खानापानी पिए रहती हैं और रात में चांद देखने के बाद व्रत खोलती हैं। लेकिन व्रत की तैयारी करते समय कुछ छोटीछोटी बातों को नजरअंदाज करना परेशानी बढ़ा सकता है। अगर आप भी करवा चौथ का व्रत रखने जा रही हैं, तो इन 5 गलतियों से बचें।

सरगी में खानापीना न भूलें
करवा चौथ पर सरगी सुबह सूर्योदय से पहले खाई जाती है। कई महिलाएं जल्दबाजी में ठीक से खाना नहीं खातीं या पर्याप्त पानी नहीं पीतीं। इससे दिन में कमजोरी, थकान और प्यास ज्यादा महसूस हो सकती है। सरगी में फल, दूध, सूखे मेवे और पेट भरने वाला हल्का खाना शामिल करें। व्रत शुरू होने से पहले पर्याप्त पानी भी पिएं। बहुत ज्यादा तलाभुना खाना खाने से बचें और सरगी का समय अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार रखें।
सेहत खराब होने पर जबरदस्ती व्रत न रखें
पूरे दिन बिना पानी पिए रहने से कुछ लोगों को सिरदर्द, चक्कर या कमजोरी महसूस हो सकती है। इसलिए अपनी शारीरिक स्थिति का ध्यान रखना जरूरी है। अगर आपको डायबिटीज, ब्लड प्रेशर या कोई दूसरी बीमारी है और आप नियमित दवा लेती हैं, तो व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। गर्भवती महिलाएं भी चिकित्सकीय सलाह के बिना लंबे समय तक भूखेप्यासे न रहें। व्रत के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उसे जबरदस्ती जारी न रखें।
पूजा की तैयारी आखिरी समय पर न छोड़ें
करवा चौथ की पूजा के लिए कई चीजों की जरूरत होती है। अगर आप पूजा की विधि और कथा के बारे में भी परिवार की परंपरा के अनुसार जानकारी ले लें। इससे पूजा के समय आपको सामान ढूंढने की परेशानी नहीं होगी।
चांद निकलने का समय जाने बिना इंतजार न करें
करवा चौथ पर महिलाएं चांद देखने के बाद व्रत खोलती हैं। लेकिन चांद निकलने का समय हर शहर में अलग हो सकता है। ऐसे में बिना समय देखे इंतजार करने से परेशानी हो सकती है। व्रत वाले दिन अपने शहर के अनुसार चंद्रोदय का समय पहले ही देख लें। अगर आसमान में बादल हों, तो चांद दिखाई देने में देरी हो सकती है। इसलिए पूजा का जरूरी सामान पहले से तैयार रखें, ताकि चांद निकलने के बाद जल्दबाजी न करनी पड़े।
व्रत खोलते ही भारी खाना न खाएं
पूरे दिन भूखे रहने के बाद तेज भूख लगना स्वाभाविक है। ऐसे में व्रत खोलते ही बहुत ज्यादा या भारी खाना खाने से पेट में परेशानी हो सकती है। इसलिए भोजन धीरेधीरे करना बेहतर रहता है। व्रत खोलने के बाद पहले धीरेधीरे पानी पिएं और फिर हल्का भोजन करें। इसके बाद अपनी भूख के अनुसार सामान्य खाना खा सकती हैं। एक साथ बहुत ज्यादा तलाभुना या भारी भोजन खाने से बचें।
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