शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 ब्रेकिंग
UP Government Jobs 2026: UP में 1784 पदों पर सरकारी भर्ती, 10 नवंबर से आवेदन; PET-2025 स्कोर से होगी शॉर्टलिस्टिंग​ | ‘खुद का कानून चला रही UP पुलिस’, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगाई फटकारा, जानें पूरा मामला​ | Bijnor NRLM Scam: बिजनौर विकास भवन में 73 लाख की गड़बड़ी का आरोप, बैंक सखी और अधिकारियों पर जांच का घेरा​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

मस्क के सैटेलाइट इंटरनेट पर लगी पाबंदी से यूक्रेन की सैन्य ताकत को झटका​

यूक्रेन। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में अब सैटेलाइट इंटरनेट को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की स्टारलिंक सेवा पर यूक्रेन की सेना काफी हद तक निर्भर है। लेकिन अक्टूबर 2026 में सैन्य इस्तेमाल से जुड़े स्टारलिंक नेटवर्क पर गति संबंधी प्रतिबंध लगाए जाने के बाद […]

यूक्रेन। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में अब सैटेलाइट इंटरनेट को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की स्टारलिंक सेवा पर यूक्रेन की सेना काफी हद तक निर्भर है। लेकिन अक्टूबर 2026 में सैन्य इस्तेमाल से जुड़े स्टारलिंक नेटवर्क पर गति संबंधी प्रतिबंध लगाए जाने के बाद यूक्रेन के ड्रोन अभियानों और सैन्य संचार पर असर पड़ने की खबरें सामने आई हैं। इस घटनाक्रम ने सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अमेरिकी सरकार और सेना के पास ऐसी तकनीक के इस्तेमाल को नियंत्रित करने की ताकत है, जिस पर युद्ध के मैदान में यूक्रेन की सेना निर्भर है।

क्या अमेरिकी सेना के नियंत्रण में है स्टारलिंक?

इस सवाल का जवाब समझने के लिए स्टारलिंक और स्टारशील्ड के बीच अंतर जानना जरूरी है। स्टारलिंक स्पेसएक्स की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा है, जिसका इस्तेमाल आम नागरिकों के साथसाथ यूक्रेन की सेना भी करती है। वहीं, स्टारशील्ड इसका सैन्य और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा संस्करण है, जिसे सरकारी और रक्षा संबंधी जरूरतों के लिए विकसित किया गया है।

एलन मस्क ने 14 अक्टूबर को कहा कि स्टारशील्ड के इस्तेमाल और उसकी गति पर किसी भी तरह की पाबंदी लगाने का फैसला अमेरिकी सेना और अंततः राष्ट्रपति करते हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले दिन व्हाइट हाउस के भीतर से स्टारशील्ड के इस्तेमाल को सीमित करने का आदेश दिए जाने की जानकारी भी सामने आई। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया कि प्रतिबंध लगाने का अंतिम निर्णय किस अधिकारी ने लिया था।

यूक्रेन के इंटरनेट पर क्या प्रतिबंध लगाया गया?

14 अक्टूबर को यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि तेज गति से चलने वाले कुछ सैन्य सैटेलाइट टर्मिनलों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, 100 मील प्रति घंटे यानी लगभग 160 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक गति पर चलने वाले उपकरणों का कनेक्शन प्रभावित हुआ।

यूक्रेन की सेना के मुताबिक, कुछ ड्रोन उड़ानों के दौरान कनेक्शन 10 से 20 सेकंड तक टूट रहा था। इससे ड्रोन को नियंत्रित करने में कठिनाई आई और कई सैन्य अभियानों को रद्द करना पड़ा।

क्या एलन मस्क ने खुद बंद किया इंटरनेट?

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यूक्रेन में सैन्य इस्तेमाल से जुड़े नेटवर्क पर प्रतिबंध लगाए जाने और उसका अंतिम निर्णय किसने लिया, ये दोनों अलग सवाल हैं।

यूक्रेनी अधिकारियों ने सेवा सीमित किए जाने की शिकायत की। इसके जवाब में मस्क ने कहा कि स्टारशील्ड के इस्तेमाल पर नियंत्रण अमेरिकी सरकार के पास है और प्रतिबंधों का फैसला अमेरिकी सेना या राष्ट्रपति करते हैं। रॉयटर्स ने भी रिपोर्ट किया कि व्हाइट हाउस से प्रतिबंध लागू करने का संदेश रक्षा विभाग के अधिकारियों तक पहुंचा था।

इसलिए यह कहना कि मस्क ने व्यक्तिगत रूप से यूक्रेन का इंटरनेट बंद कर दिया, उपलब्ध जानकारी से पूरी तरह साबित नहीं होता। मामला मुख्य रूप से सैन्य संस्करण की सेवा और उसकी गति पर लगाए गए प्रतिबंधों से जुड़ा है।

अमेरिका और यूक्रेन के रिश्तों से क्या है कनेक्शन?

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया, जब वॉशिंगटन और कीव के बीच तनाव बढ़ने की खबरें थीं। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन यूक्रेन पर रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने का दबाव बना रहा था।

हालांकि, स्टारशील्ड पर प्रतिबंध और इस राजनीतिक दबाव के बीच संबंध होने की आशंका जताई गई है, लेकिन अमेरिकी प्रशासन ने प्रतिबंधों के पीछे का आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया है। इसलिए दोनों घटनाओं को सीधे तौर पर एकदूसरे से जुड़ा हुआ मानना अभी जल्दबाजी होगी।

क्या यूक्रेन भविष्य में दूसरे नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकता है?

स्टारलिंक पर निर्भरता कम करने के लिए यूक्रेन को वैकल्पिक सैटेलाइट संचार प्रणालियों और अन्य सैन्य संचार माध्यमों की जरूरत पड़ सकती है। लेकिन युद्ध के दौरान किसी दूसरे नेटवर्क पर तेजी से निर्भर होना आसान नहीं है। इसके लिए उपकरणों, तकनीकी अनुकूलता, सुरक्षित संचार और मैदान में विश्वसनीय कनेक्टिविटी की व्यवस्था करनी होगी।

इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी दिखाया है कि आधुनिक युद्ध में केवल हथियार और सैनिक ही निर्णायक नहीं हैं। संचार नेटवर्क, सैटेलाइट तकनीक और उन पर नियंत्रण रखने वाली सरकारों की नीतियां भी सैन्य अभियानों को प्रभावित कर सकती हैं।

 

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY