FASTag Rules: अगर आप सोच रहें हैं कि आपके घर में दो गाड़ियां है तो आप एक FASTag को दोनों वाहनों में इस्तेमाल कर सकते हैं, तो ऐसा बिल्कुल मत करिए क्योंकि यह गैरकानूनी है। FASTag Rules के मुताबिक FASTag को जिस वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर से जोड़ा जाता है, उसका इस्तेमाल उसी वाहन में किया जाना चाहिए।

अगर आपके दिमाग में आता है कि, क्या एक FASTag टैग को दो अलगअलग वाहनों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है तो भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के नियम के अनुसार, ऐसा बिल्कुल नहीं किया जा सकता। आइए विस्तार से जानें…
FASTag for Two Vehicles?
FASTag Rules के मुताबिक FASTag को जिस वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर से जोड़ा जाता है, उसका इस्तेमाल उसी वाहन में किया जाना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति एक वाहन से निकालकर दूसरे वाहन में FASTag का इस्तेमाल करता है तो तो वाहन की जानकारी और FASTag डिटेल में अंतर होने के कारण टोल प्लाजा पर परेशानी आ सकती है। इसलिए दो गाड़ियों के लिए अलगअलग FASTag रखना बेहतर है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के नियम के अनुसार, प्रत्येक वाहन के लिए एक अलग FASTag होना अनिवार्य है
दो वाहनों में इस्तेमाल से होगी दिक्कत
एक गाड़ी का FASTag दूसरी गाड़ी में इस्तेमाल करने पर आपका FASTag ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और टोल प्लाजा पर आपको दोगुना टोल शुल्क देना पड़ सकता है।
यदि आप किसी दूसरी गाड़ी पर पुराना या किसी अन्य वाहन का टैग लगाकर टोल पार करते पकड़े जाते हैं, तो सिस्टम उसे ‘लूज टैग’ मानकर तुरंत ब्लैकलिस्ट कर देता है। इतना ही नहीं FASTag का स्टिकर इस तरह डिज़ाइन किया जाता है कि विंडशील्ड से निकालने पर वह क्षतिग्रस्त या खराब हो जाता है, जिससे वह किसी अन्य गाड़ी पर काम नहीं करता।
क्या हैं नए नियम ?
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा लागू नए नियम 2 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो चुके हैं। इस बदलाव से दिव्यांगजनों को हर साल FASTag का रिन्यू कराने की परेशानी से राहत मिलेगी।
हालांकि, इस नियम के तहत कुछ पात्र दिव्यांगजन के लिए फ्री FASTag की वैधता 3 साल तो कुछ लोगों के लिए इसकी वैधता 5 साल होगी।
फ्री FASTag में किसे और कब तक मिलेगी छूट?
नई वैधता के नियम के मुताबिक, जिन लोगों का नाम 70% से 100% तक विकलांगता में दर्ज होगा। उनके लिए फ्री FASTag की वैधता सीधे 5 साल होगी। वहीं जिनका नाम 40% से 70% से कम विकलांगता में दर्ज होगा। उनके लिए FASTag की वैधता 3 साल तय की गई है।
पहले टोलफ्री Fastag का हर साल नवीनीकरण कराना जरूरी था। लेकिन अब नई व्यवस्था से पात्र लाभार्थियों को FASTag की वैधता विकलांगता के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज प्रतिशत के आधार पर तय की जाएगी। अब उन्हें बारबार डॉक्यूमेंट जमा कराने और रिन्यू कराने की आवश्कता नहीं पड़ेगी।