महाराष्ट्र के जलगांव जिले से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ जलगांव के पारोला तालुका के वेल्हाने गांव में एक नईनवेली दुल्हन ने शादी के तीसरे दिन ही अपने पति और परिवार के सदस्यों को खाने में जहर देकर मारने की कोशिश की और इसके बाद गहने और पैसे लेकर फरार हो गई। इस मामले में पुलिस ने दुल्हन समेत दो महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है।

फर्जी शादी और साजिश की शुरुआत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जलगांव के परोला क्षेत्र के रहने वाले 32 वर्षीय वाल्मीक पाटिल की शादी 7 अक्टूबर को हुई थी। वाल्मीक के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी है और उनकी मां पूर्व सरपंच रह चुकी हैं, लेकिन वाल्मीक की औपचारिक शिक्षा कम होने के कारण परिवार ने अपने इलाके से बाहर दुल्हन की तलाश की थी। एक एजेंट सुमन को झारखंड से पारोला लेकर आया था और वेलहाने गांव के रहने वाले वाल्मीक पाटिल से 2.5 लाख रुपये में उसकी शादी तय कराई थी। सुमन के साथ छत्तीसगढ़ की रहने वाली आरती सूर्याक्ष पटेल भी आई थी। सुमन सुभाष साहनी और आरती सूर्याक्ष पटेल दोनों 2025 साल की उम्र की हैं, आदिवासी समुदाय से हैं और आपस में रिश्तेदार हैं। शादी के अगले दिन यानी 8 अक्टूबर को नवविवाहित जोड़ा मंदिर गया था।
खाने में मिलाई चूहे मारने की दवा
असली साजिश 9 अक्टूबर को सामने आई। आरोप है कि सुमन और आरती ने परिवार के रात के खाने में चूहे मारने की दवा मिला दी थी। वाल्मीक, उसके पिता और मां ने वह खाना खाया, जिसके बाद जल्द ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। हालांकि, वे यह सोचकर सो गए कि सुबह तक ठीक हो जाएंगे। दूल्हे के बड़े भाई ने खाने का बहुत कम हिस्सा खाया था, जबकि उसकी पत्नी और बच्चों ने खाना नहीं खाया था। बाद में जब वाल्मीक का बड़ा भाई शाम की सैर के लिए निकला, तो उसके दोस्तों ने देखा कि चलते समय उसका संतुलन बिगड़ रहा है, जिसके बाद उन्होंने उसे घर वापस भेज दिया।
गहने और नकदी लेकर फरार हुईं महिलाएं
जब परिवार जहर के असर से जूझ रहा था, तब दोनों आरोपी महिलाओं ने भागने का फैसला किया। पुलिस के मुताबिक, दोनों महिलाओं ने सुबह करीब 4 बजे एक गाड़ी किराए पर ली और घर से कुछ गहने व शादी में मिले पैसे लेकर गांव से फरार हो गई। अगली सुबह परिवार की इस मुसीबत का पता चला, जब परिवार के तीन सदस्यों की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए पहले धुले के सरकारी अस्पताल और बाद में जलगांव सिविल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। फिलहाल सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है।
ऐसे हुई गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों और परिवार के अन्य सदस्यों ने दोनों महिलाओं को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए पुलिस स्टेशन के सामने रोड जाम कर दिया। ग्रामीणों के भारी विरोध के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और भागने की कोशिश कर रही दोनों महिलाओं को धुले जिले के निमगुल गांव के पास से हिरासत में ले लिया। पारोला पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर दीपक पाटिल ने बताया कि पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 109 , 123 , 316 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या ये आरोपी अन्य राज्यों में फैले शादी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।