उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव में टिकट नहीं पाने से नाराज भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उनका इस्तीफा अचानक नहीं हुआ है. राज्यसभा के लिए टिकट नहीं पाने के बाद से ही वह पार्टी से खफा हो गए थे और भड़ास निकालते हुए सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में टाटाबायबाय लिखकर सियासी संदेश दे दिया था.

आंवला संसदीय सीट से 2 बार सांसद रहे धर्मेंद्र कश्यप ने राज्यसभा के लिए टिकट नहीं पाने पर फेसबुक पर अपनी नाराजगी जताई थी. उन्होंने 7 अक्टूबर को किए अपने इस पोस्ट सिर्फ दो शब्द लिखे टाटा बायबाय. हालांकि इस पोस्ट में उन्होंने बीजेपी का नाम नहीं लिया और न ही पार्टी छोड़ने को लेकर कोई बात कही. लेकिन टाटा बायबाय वाले पोस्ट ने उनके तेवर को सार्वजनिक कर दिया था. हालांकि उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में कुछ महीने बाद ही विधानसभा चुनाव कराया जाना है.
आंवला सीट से 2 बार सांसद रहे धर्मेंद्र
धर्मेंद्र कश्यप ने आंवला लोकसभा सीट से लगातार 2 बार जीत हासिल की थी. उन्हें पहली बार साल 2014 के लोकसभा चुनाव में जीत हासिल हुई. फिर 2019 के चुनाव में वह लगातार दूसरी जीत हासिल करते हुए आंवला सीट बचाने में कामयाब रहे थे. हालांकि 2024 वाले चुनाव में वह जीत का सिलसिला बनाए नहीं रख सके और उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.
राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपने 8 उम्मीदवारों में से की 2 प्रत्याशी धर्मेंद्र कश्यप के ही क्षेत्र से उतारे थे. धर्मेंद्र बरेली क्षेत्र से आते हैं. इसी क्षेत्र से बीजेपी ने 2 चेहरों को राज्यसभा के लिए चुना था. धर्मपाल सिंह योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं, वहीं श्रुति गंगवार पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की बेटी हैं.
आंखों में रहा, दिल में उतरकर नहीं देखाः धर्मेंद्र
धर्मेंद्र कश्यप के बायबाय वाले पोस्ट को लेकर जब उनसे उनके अगले कदम को लेकर पूछा गया तो उन्होंने सीधे तौर पर बीजेपी छोड़ने की कोई बात नहीं की, लेकिन उन्होंने सस्पेंस जरूर बढ़ा दिया. टाटाबायबाय को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ” आंखों में रहा, दिल में उतरकर नहीं देखा कश्ती के मुसाफिर ने कभी समंदर नहीं देखा.”
पूर्व सांसद कौशल किशोर परिवार में भी नाराजगी
सिर्फ धर्मेंद्र कश्यप ही नहीं बल्कि राज्यसभा का टिकट नहीं पाने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और मोहनलालगंज से पूर्व सांसद कौशल किशोर के परिवार में भी नाराजगी देखी गई. उनके बेटे विकास किशोर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जिस परिवार में मांबाप का मान और सम्मान न हो, उस परिवार में नहीं रहना चाहिए. विकास इस समय बीजेपी अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं.
पूर्व मंत्री कौशल किशोर को 2024 के लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था और राज्यसभा के लिए उनका नाम भी सियासी गलियारों में चल रहा था, लेकिन बीजेपी ने अवध क्षेत्र से पासी समाज की पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत को पार्टी का उम्मीदवार बनाया और राज्यसभा भेज दिया.