बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 ब्रेकिंग
दिल्ली में ढीले हुए सोने के तेवर! दो दिनों में ₹900 सस्ता हुआ गोल्ड​ | Mirzapur News: मां की गोद मिलनी थी, नाले के कीचड़ में मिली… मासूम की सिसकियां सुन नम हुईं आंखें​ | BCCI ने Smriti Mandhana को बनाया भारतीय महिला टीम का नया Captain, नए उप-कप्तानों के नाम भी सामने आए​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

Swatantra Bhardwaj: दिल्ली कोर्ट ने CJP मारपीट केस में स्वतंत्र भारद्वाज को दी जमानत, बाद में बताई जाएंगी शर्तें​

: दिल्ली की कोर्ट ने CJP मारपीट मामले में को रेगुलर जमानत दे दी है। इससे पहले कोर्ट ने उन्हें कड़ी शर्तों के साथ अंतरिम जमानत दी थी। अब कोर्ट ने उनकी जमानत को रेगुलर कर दिया है। जमानत की शर्तों से जुड़ा आदेश बाद में जारी किया जाएगा। मारपीट का मामला मामला 23 जून […]

: दिल्ली की कोर्ट ने CJP मारपीट मामले में को रेगुलर जमानत दे दी है। इससे पहले कोर्ट ने उन्हें कड़ी शर्तों के साथ अंतरिम जमानत दी थी। अब कोर्ट ने उनकी जमानत को रेगुलर कर दिया है। जमानत की शर्तों से जुड़ा आदेश बाद में जारी किया जाएगा।

मारपीट का मामला

मामला 23 जून 2026 को जंतरमंतर पर हुए CJP प्रदर्शन से जुड़ा है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज ने एक कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता के साथ मारपीट की। शिकायत के मुताबिक घटना के दौरान विवाद बढ़ा और उनके साथ मारपीट की गई। बाद में इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस ने सितंबर में किया गिरफ्तार

पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को 4 सितंबर को बुलंदशहर में उनके घर से पकड़ा था। इसके बाद उन्हें दिल्ली लाया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वह तिहाड़ जेल में भी रहे।

अंतरिम जमानत में लगी थीं कड़ी शर्तें

15 सितंबर को पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें तीन हफ्ते की अंतरिम जमानत दी थी। कोर्ट ने उन्हें मामले, अपनी सफाई या शिकायतकर्ता के परिवार से जुड़े मुद्दे पर सोशल मीडिया या किसी मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करने और चर्चा करने से रोक दिया था। शिकायतकर्ता, उनकी बेटी या किसी गवाह से संपर्क करने और सबूत से छेड़छाड़ पर भी रोक लगाई गई थी।

वीडियो और बयान भी चर्चा में रहे

मारपीट के बाद सामने आए एक इंटरव्यू और वीडियो को लेकर भी मामला चर्चा में आया था। रिपोर्ट के मुताबिक ने कथित तौर पर घटना में हमला करने की बात कही थी। हालांकि पुलिस ने सिर की चोट को लेकर किए गए उनके दावे की गंभीरता पर सवाल उठाते हुए कहा था कि व्यक्ति को झड़प में सिर पर मामूली चोट लगी थी।

SCST एक्ट की धाराएं भी जुड़ीं

बाद में इस मामले की FIR में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गई थीं। कोर्ट ने पिछली सुनवाई में यह भी नोट किया था कि जाति से जुड़ी अपमानजनक टिप्पणी का आरोप शुरुआती शिकायत में नहीं था और करीब 10 हफ्ते बाद सामने आया। कोर्ट ने कहा था कि इससे आरोप अपने आप झूठा साबित नहीं होता, लेकिन जमानत पर विचार करते समय यह एक परिस्थिति है।

ये खबर भी पढ़ें: 

अब रेगुलर जमानत मिली

अब 6 अक्टूबर को कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज को रेगुलर जमानत दे दी है। कोर्ट ने अंतरिम जमानत के दौरान उनके आचरण को भी ध्यान में रखा। जमानत की पूरी शर्तें और विस्तार से आदेश बाद में जारी किया जाएगा।

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY