शनिवार, 7 नवंबर 2026 ब्रेकिंग
वेटिंग लिस्ट की टेंशन खत्म! दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई रूट पर चलेंगी 1000 अतिरिक्त ट्रेनें, रेलवे का मेगा प्लान​ | मुरादाबाद में क्यों हैवान बना पति? ससुराल में आकर रेता पत्नी का गला, फिर किया सुसाइड का प्रयास​ | गाड़ियों की सेहत से कोई खिलवाड़ नहीं! पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा- पूरी तरह सेफ है सरकारी कंपनियों का E20 पेट्रोल​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Business

वेटिंग लिस्ट की टेंशन खत्म! दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई रूट पर चलेंगी 1000 अतिरिक्त ट्रेनें, रेलवे का मेगा प्लान​

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को बताया कि भारतीय रेलवे सात प्रमुख रेलवे कॉरिडोर का विस्तार करके उन्हें चार समानांतर पटरियों में बदलने की योजना बना रही है, जिसके बाद 1,000 से अधिक अतिरिक्त रेगुलर ट्रेनें चलाई जा सकेंगी. इस विस्तार में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई को जोड़ने वाले रूट शामिल हैं. इसके […]

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को बताया कि भारतीय रेलवे सात प्रमुख रेलवे कॉरिडोर का विस्तार करके उन्हें चार समानांतर पटरियों में बदलने की योजना बना रही है, जिसके बाद 1,000 से अधिक अतिरिक्त रेगुलर ट्रेनें चलाई जा सकेंगी. इस विस्तार में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई को जोड़ने वाले रूट शामिल हैं. इसके साथ ही तीन तिरछे कॉरिडोर भी शामिल हैं, जिनमें दिल्लीचेन्नई, मुंबईकोलकाता और दिल्लीगुवाहाटी रूट आते हैं.

वैष्णव ने कहा कि चार पटरियों वाले इस विस्तार से रेलवे की क्षमता बढ़ेगी, भीड़ कम होगी और यात्रियों की वेटिंग लिस्ट तथा रिजर्वेशन की उपलब्धता पर दबाव कम होगा. विस्तार कार्य पूरा होने के बाद ही ये अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जा सकेंगी. मंत्री ने त्योहारी सीजन की तैयारियों के बारे में भी बात की, जिसमें 18,000 विशेष ट्रेनें, लगभग 700 AIसक्षम कैमरे और करीब 20 रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के रुकने के लिए विशेष क्षेत्र बनाना शामिल है.

सात प्रमुख कॉरिडोर पर चार समानांतर पटरियों की योजना

रेलवे की दीर्घकालिक क्षमता विस्तार योजनाओं के बारे में बताते हुए, वैष्णव ने कहा कि अधिक ट्रेन सेवाओं को समायोजित करने के लिए सात प्रमुख कॉरिडोर का विस्तार करके उन्हें चार लाइनों में बदला जा रहा है. इन परियोजनाओं में दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई को जोड़ने वाले रूट शामिल हैं, जो देश के ‘स्वर्णिम चतुर्भुज’ रेलवे नेटवर्क का हिस्सा हैं. इस विस्तार योजना में तीन तिरछे कॉरिडोर भी शामिल हैं. ये कॉरिडोर हैं: दिल्ली से चेन्नई, मुंबई से कोलकाता और दिल्ली से गुवाहाटी.

‘फोरलाइनिंग’ का अर्थ है कि जिन सेक्शन में अभी दो लाइनें हैं, वहां रेलवे रूट का विस्तार करके चार समानांतर पटरियां बिछाई जाएं. यह अतिरिक्त बुनियादी ढांचा यात्री और मालगाड़ियों के संचालन के लिए अधिक जगह उपलब्ध कराएगा, जिससे व्यस्त रूटों पर भीड़ कम होगी.

वैष्णव ने कहा कि सरकार ने इन कॉरिडोर को प्राथमिकता दी है ताकि क्षमता बढ़ाई जा सके और मौजूदा रेलवे लाइनों पर भारी ट्रैफिक के कारण होने वाली देरी की समस्या को दूर किया जा सके.उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा रेलवे बुनियादी ढांचे से जुड़ी मंजूरियों की फ्रीक्वेंसी का भी जिक्र किया और कहा कि प्रधानमंत्री अक्सर हर दूसरी या तीसरी कैबिनेट बैठक में नई परियोजनाओं को मंजूरी देते हैं.

ट्रैक विस्तार के बाद 1,000 से अधिक अतिरिक्त रेगुलर ट्रेनें

मंत्री ने कहा कि इन सात कॉरिडोर पर ‘फोरलाइनिंग’ का काम पूरा होने के बाद, भारतीय रेलवे 1,000 से अधिक अतिरिक्त रेगुलेर ट्रेनें चलाने में सक्षम हो जाएगी. वैष्णव ने कहा कि एक बार यह फोरलाइनिंग पूरी हो जाने पर, हम 1,000 से अधिक अतिरिक्त नियमित ट्रेनें चला सकेंगे. इससे वेटिंग लिस्ट और रिजर्वेशन की उपलब्धता पर पड़ने वाला दबाव काफी कम हो जाएगा.

ये प्रस्तावित अतिरिक्त सेवाएं नियमित ट्रेनें होंगी, जो त्योहारों या यात्रियों की भारी भीड़ वाले अन्य समयों पर चलाई जाने वाली विशेष ट्रेनों से अलग होंगी. इस विस्तार का उद्देश्य व्यस्त मार्गों पर क्षमता बढ़ाना है, ताकि रेलवे माल ढुलाई के साथसाथ अतिरिक्त यात्री सेवाओं को भी समायोजित कर सके.

कोयले की ढुलाई और यात्रियों की भारी भीड़ से रेलवे लाइनों पर दबाव

ट्रेनों की देरी और नेटवर्क पर अत्यधिक दबाव से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए, वैष्णव ने कहा कि कोयले और अन्य सामानों की भारी आवाजाही के कारण भारतीय रेलवे को इस समय सबसे अधिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि माल ढुलाई, खासकर कोयले के परिवहन से मौजूदा नेटवर्क पर दबाव बढ़ रहा है, और यह ऐसे समय में हो रहा है जब यात्रियों की संख्या भी बहुत अधिक है.

उन्होंने कहा कि हम इस समय अत्यधिक दबाव के दौर से गुजर रहे हैं. कोयले और अन्य सामानों की आवाजाही अपने चरम पर है. मंत्री ने बताया कि क्षमता बढ़ाने के प्रयासों के तहत, रेलवे ने पिछले 10 वर्षों में 36,000 किलोमीटर अतिरिक्त पटरियां बिछाई हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस दबाव की समस्या को स्थायी रूप से हल करने के लिए और अधिक पटरियां बिछाना और रेलवे के बुनियादी ढांचे का विस्तार करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि नई पटरियां बिछाना और क्षमता बढ़ाना बहुत महत्वपूर्ण है. यही एक स्थायी समाधान है. हमें और अधिक पटरियां बिछाने का काम जारी रखना होगा.

त्योहारी सीजन में यात्रियों के लिए रेलवे ने 18,000 स्पेशल ट्रेनें चलाईं

इसके अलावा, दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को संभालने के लिए भारतीय रेलवे ने इस त्योहारी सीजन में 18,000 विशेष ट्रेनें तैनात की हैं. यह संख्या पिछले साल इसी त्योहारी सीजन में चलाई गई 12,000 विशेष ट्रेनों से अधिक है. वैष्णव ने बताया कि दिल्ली में कई जगहों पर विशेष ट्रेनें खड़ी की गई हैं, जिनमें शकूर बस्ती, निजामुद्दीन, आनंद विहार, आनंद विहार टर्मिनल और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के आसपास के इलाके शामिल हैं.उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में भारतीय रेलवे ने लगभग 75,000 विशेष ट्रेनें चलाई थीं. चालू वित्तीय वर्ष में यह संख्या 80,000 को पार करने की उम्मीद है.

20 स्टेशनों पर 700 AI कैमरे और ‘होल्डिंग एरिया’

त्योहारी भीड़ के दौरान यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए, रेलवे ने स्टेशनों पर लगभग 700 AIसक्षम कैमरे लगाए हैं. लगभग 20 स्टेशनों पर ‘होल्डिंग एरिया’ भी बनाए गए हैं, ताकि यात्रियों को अपनी ट्रेन का इंतजार करने के लिए एक तय जगह मिल सके. टिकट काउंटरों को स्टेशन परिसर से हटाकर इन ‘होल्डिंग एरिया’ में ट्रांसफर कर दिया गया है. सुरक्षा जांच में तेजी लाने और कतारों को कम करने के लिए अतिरिक्त स्कैनिंग काउंटर भी लगाए गए हैं. इन इंतजामों का मकसद स्टेशन के प्रवेश द्वारों पर भीड़ को रोकना और यात्रियों के मुख्य स्टेशन परिसर में दाखिल होने से पहले उनकी आवाजाही को व्यवस्थित करना है.

छोटी दिवाली पर स्टेशनों पर भीड़भाड़ सामान्य

छोटी दिवाली पर यात्रियों की आवाजाही के बारे में बात करते हुए, वैष्णव ने बताया कि शनिवार को अलगअलग रेलवे स्टेशनों पर भीड़भाड़ की स्थिति सामान्य हो गई थी. उन्होंने कहा कि आज भी, छोटी दिवाली के मौके पर, सभी जगहों पर भीड़भाड़ की स्थिति सामान्य हो गई है. हमारी कोशिश है कि पूरे त्योहारी सीजन के दौरान यही स्थिति बनी रहे.

रेलवे की योजना है कि दिवाली और छठ के लिए यात्रा करने वाले यात्रियों को देखते हुए, पूरे त्योहारी सीजन के दौरान ये इंतजाम जारी रखे जाएं. तत्काल किए गए उपायों में अतिरिक्त विशेष ट्रेनें, AIयुक्त कैमरे, होल्डिंग एरिया और स्कैनिंग सुविधाएं शामिल हैं. वहीं, सातकॉरिडोर विस्तार का लक्ष्य नेटवर्क की दीर्घकालिक क्षमता को बढ़ाना है, जिससे 1,000 से अधिक अतिरिक्त नियमित ट्रेनें चलाई जा सकें.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY