Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक दिल दहला देने वाला और हैरान कर देने वाला हत्याकांड प्रकाश में आया है. यहां लोहिया नगर स्थित एक निजी अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर के अंदर 25 वर्षीय नर्स नेहा की जहर का इंजेक्शन लगाकर बेरहमी से हत्या कर दी गई. शातिर कातिलों ने इस जघन्य अपराध को आत्महत्या साबित करने के लिए मृतका की जेब में एक फर्जी सुसाइड नोट और सल्फास की गोलियां भी रख दी थीं. लेकिन, पुलिस की मुस्तैदी और मृतका के परिजनों द्वारा लिखावट पर उठाए गए सवालों ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को महज कुछ ही घंटों में सुलझा दिया. पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रेमी और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है.

लोहिया नगर के इस निजी अस्पताल में शनिवार की दोपहर अचानक उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अस्पताल की ही एक कर्मचारी की लाश बरामद हुई. 25 वर्षीय नेहा अस्पताल में बतौर नर्स कार्यरत थी. शनिवार सुबह वह अपनी ननद के साथ रोज की तरह घर से अस्पताल के लिए निकली थी. दोपहर करीब 12 बजे नेहा अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर के भीतर बेसुध हालत में पड़ी मिली. उसे इस हालत में देखकर जब स्टाफ ने शोर मचाया, तो डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची. डॉक्टरों ने गहन जांच के बाद नेहा को मृत घोषित कर दिया.
सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस ने जब शव को कब्जे में लेकर तलाशी ली, तो नेहा की जेब से सल्फास की गोलियां और एक सुसाइड नोट बरामद हुआ. इस नोट में नेहा के ससुराल पक्ष के लोगों पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए गए थे.
पुरानी कॉपियां लेकर पहुंचे थाने, खुली पोल
इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब नेहा के मायके वाले अस्पताल और थाने पहुंचे. उन्होंने पुलिस के सामने ही इस कथित आत्महत्या पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. परिजनों ने नेहा की जेब से मिले सुसाइड नोट को देखते ही साफ कह दिया कि यह लिखावट नेहा की नहीं है. अपनी बात को साबित करने के लिए परिजन अपने साथ नेहा की लिखी हुई पुरानी घरेलू कॉपियां और डायरियां लेकर आए थे. जब पुलिस ने सुसाइड नोट और कॉपियों की लेखनी का मिलान किया, तो दोनों में जमीनआसमान का अंतर मिला. इसके बाद परिजनों ने सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर दो टीमें गठित कर दीं.
आशिक सुरेश ने रची थी मौत की स्क्रिप्ट, साथी फरहान ने पकड़े हाथ
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले के निर्देशन में जब पुलिस ने जांच की कड़ियां जोड़ीं, तो मृतका के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड से सारा सच बाहर आ गया. कॉल रिकॉर्ड्स से पता चला कि अस्पताल के ही एक कर्मचारी सुरेश से नेहा की लगातार और लंबी बातचीत होती थी. दोनों के बीच पिछले कुछ समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था. नेहा एक बच्चे की मां थी और वह सुरेश पर लगातार शादी करने का कानूनी दबाव बना रही थी. सुरेश इस शादी के खिलाफ था और पीछा छुड़ाने के लिए उसने नेहा को रास्ते से हटाने की खौफनाक प्लानिंग कर डाली.
दबोचकर लगाया जहर का इंजेक्शन
शनिवार सुबह जैसे ही नेहा अस्पताल के ओटी में दाखिल हुई, वहां सुरेश और उसका साथी कर्मचारी फरहान पहले से ही घात लगाए बैठे थे. दोनों ने नेहा को अकेले पाकर दबोच लिया. फरहान ने नेहा के दोनों हाथ कसकर पकड़ लिए ताकि वह विरोध न कर सके, जबकि सुरेश ने उसका मुंह बंद कर उसकी नस में जहर का तीखा इंजेक्शन ठोक दिया. जहर शरीर में फैलते ही नेहा ने तड़पकर दम तोड़ दिया. नेहा की मौत के बाद सुरेश ने पहले से लिखकर रखा फर्जी सुसाइड नोट और सल्फास की गोलियां उसकी जेब में डाल दीं, ताकि पुलिस इसे ससुराल वालों के डर से की गई आत्महत्या मानकर केस बंद कर दे.
पति पहले ही कर चुका था खुदकुशी, अनाथ हुआ बच्चा
इस खौफनाक हत्याकांड के पीछे एक और बेहद भावुक पहलू भी जुड़ा हुआ है. मृतका नेहा के पति रवि कुमार ने करीब एक साल पहले अज्ञात कारणों के चलते आत्महत्या कर ली थी. पति की अचानक हुई मौत के बाद पूरे परिवार और उनके छोटे बच्चे के पालनपोषण की पूरी जिम्मेदारी अकेली नेहा के कंधों पर आ गई थी. इसी जिम्मेदारी को निभाने और घर चलाने के लिए नेहा ने इस निजी अस्पताल में नौकरी शुरू की थी, लेकिन उसे क्या पता था कि जहां वह जिंदगी बचाने का काम सीख रही है, वहीं उसका प्रेमी उसकी जान का दुश्मन बन जाएगा.
SP सिटी का बयान: दोनों कातिल सलाखों के पीछे
मेरठ के SP सिटी विनायक गोपाल भोसले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले के खुलासे की आधिकारिक पुष्टि की है. पुलिस ने मुख्य आरोपी सुरेश और उसके मददगार फरहान को गिरफ्तार कर लिया है. कड़ाई से की गई पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म पूरी तरह कबूल कर लिया है. पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया खाली जहर का इंजेक्शन और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्य बरामद कर लिए हैं. पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर विधिक कार्रवाई पूरी कर ली है और दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है.