कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने शनिवार को आरोप लगाया कि अयोध्या में राम मंदिर को मिले करोड़ों रुपये के दान का गलत इस्तेमाल किया गया है. उन्होंने मंदिर ट्रस्ट को तुरंत बर्खास्त करने और सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग की. पीटीआई न्यूज के अनुसार आगरा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने दावा किया कि राम मंदिर को मिले दान को कथित तौर पर मंदिर के लिए इस्तेमाल करने के बजाय दूसरी जगह भेज दिया गया.

ने आरोप लगाया कि अयोध्या राम मंदिर को मिले दान और चढ़ावे में करोड़ों रुपये की चोरी हुई है. लोगों ने अपनी वित्तीय क्षमता के आधार पर दान दिया, लेकिन मंदिर के लिए इस्तेमाल होने के बजाय, पैसा चोरी हो गया. इसके रखरखाव के लिए जिम्मेदार लोग खुद इसमें शामिल थे. उन्होंने कहा कि ट्रस्ट को तुरंत भंग कर देना चाहिए और पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में होनी चाहिए.
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
उन्होंने कहा कि सरकारी पैसे का गबन करना सबसे बड़ा पाप है. जिन्होंने इसे किया, जिन्होंने इसे आसान बनाया और जिन्होंने इसे बचाया, सभी पर कार्रवाई होनी चाहिए. दूसरी ओर, कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंधे पाटिल ने कहा कि भाजपा अब राम मंदिर से जुड़ी कथित वित्तीय गड़बड़ियों को बचा रही है.
उन्होंने दावा किया कि 2020 में, एक चार्टर्ड अकाउंटेंसी फर्म और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने ट्रस्ट के वित्तीय मैनेजमेंट से जुड़े मुद्दों को उठाया था, लेकिन कोई असरदार कार्रवाई नहीं की गई.
उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार द्वारा बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए, पाटिल ने कहा कि कांग्रेस को जांच पर कोई भरोसा नहीं है.
कांग्रेस का भाजपा पर हमला
पाटिल ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन और सदस्यों के चयन में केंद्र की भूमिका थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए.
मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया डिपार्टमेंट के चेयरमैन और पूर्व मंत्री मुकेश नायक ने आरोप लगाया कि भाजपा ने राजनीतिक मकसद के लिए धर्म और आस्था का इस्तेमाल किया है.
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नए ट्रस्ट में शंकराचार्य, धार्मिक नेता, संत और अलगअलग धार्मिक परंपराओं के प्रतिनिधि शामिल होने चाहिए. पार्टी ने वित्तीय गड़बड़ियों के दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की भी मांग की.