कई लोगों का ब्लड प्रेशर अचानक बार-बार लो होने लगता है, जिसे सामान्य मानकर नजरअंदाज करना सही नहीं है. यह समस्या शरीर की क्षमता पर असर डाल सकती है और किसी अंदरूनी गड़बड़ी का संकेत भी हो सकती है. बीपी लो होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे डिहाइड्रेशन, लंबे समय तक खाली पेट रहना, पोषण की कमी, ज्यादा गर्मी या कुछ दवाओं का प्रभाव. इसके अलावा हार्ट से जुड़ी समस्याएं, हॉर्मोनल असंतुलन या अचानक खड़े होने पर भी यह समस्या हो सकती है.

खासकर बुजुर्ग, प्रेगनेंट महिलाएं, कमजोर वाले लोग और वे लोग जो ज्यादा समय तक खड़े रहते हैं, उनमें इसका खतरा ज्यादा होता है. कई बार शरीर के अंदर जरूरी पोषक तत्वों की कमी, जैसे आयरन या विटामिन की कमी भी इसका कारण बन सकती है. लगातार थकान और खराब लाइफस्टाइल भी इस समस्या को बढ़ा सकती है. इसलिए इस समस्या को हल्के में लेना सही नहीं है. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि बार-बार ब्लड प्रेशर लो होना कितना खतरनाक है और इससे बचाव के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
बार-बार बीपी लो होना कितना खतरनाक हो सकता है?
दिल्ली के राजीव गांधी अस्पताल में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजीत जैन बताते हैं कि बार-बार ब्लड प्रेशर लो होना शरीर के लिए कई तरह की परेशानियां पैदा कर सकता है. इससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित हो सकती है, जिससे जरूरी अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण नहीं पहुंच पाता. इसके कारण चक्कर आना, बेहोशी और गिरने का खतरा बढ़ जाता है. अगर व्यक्ति चलते-फिरते समय बेहोश हो जाए, तो चोट लगने का जोखिम भी रहता है.
लगातार ऐसा होने पर व्यक्ति की रोजमर्रा की एक्टिविटी प्रभावित हो सकती हैं और काम करने की क्षमता कम हो सकती है. कुछ मामलों में यह हार्ट और ब्रेन पर भी असर डाल सकता है, जिससे गंभीर स्थिति बन सकती है. लंबे समय तक इसे नजरअंदाज करने से शरीर कमजोर होने लगता है और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी जुड़ सकती हैं. इसलिए समय रहते इसका सही कारण जानना और इलाज करना बेहद जरूरी है.
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
बीपी लो होने पर शरीर कुछ संकेत देता है, जिन्हें पहचानना जरूरी है. बार-बार चक्कर आना, आंखों के सामने अंधेरा छाना, कमजोरी महसूस होना और अचानक थकान होना इसके आम लक्षण हो सकते हैं. कुछ लोगों को घबराहट, ठंडा पसीना, हाथ-पैर ठंडे पड़ना या फोकस करने में दिक्कत भी हो सकती है.
कई बार व्यक्ति को खड़े होने पर चक्कर आने जैसा महसूस होता है, जिससे संतुलन बिगड़ सकता है. अगर ये लक्षण बार-बार नजर आएं या अचानक बढ़ जाएं, तो इसे हल्के में न लें. समय पर ध्यान न देने पर स्थिति बिगड़ सकती है, इसलिए ऐसे संकेतों को गंभीरता से लेना जरूरी है.
कैसे करें बचाव?
बीपी लो होने से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीना और शरीर को हाइड्रेटेड रखना जरूरी है. समय पर भोजन करें और ज्यादा देर तक खाली पेट न रहें. नमक का संतुलित सेवन करें, क्योंकि यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में मदद करता है.
ज्यादा देर तक एक ही स्थिति में खड़े या बैठे रहने से बचें और धीरे-धीरे खड़े होने की आदत डालें. नियमित एक्सरसाइज करें और अपनी दिनचर्या को संतुलित रखें. अगर समस्या बार-बार हो रही है, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें, ताकि सही कारण जानकर समय पर उपचार किया जा सके.





