Thursday, April 23, 2026
Health

Ayurvedic Tips for Mango: न निकलेंगे दाने, न शुगर डर! आम को खाने के कारगर आयुर्वेदिक तरीका

गर्मियों के सीजन में आम को खाने की बात ही अलग होती है. इसका मीठा स्वाद बच्चों से लेकर बड़े यानी हर किसी को पसंद आता है. कोई खाने के बादे इसे काटकर खाना पसंद करता है तो किसी का फेवरेट मैंगो शेक होता है. इसके अलावा और भी तरीकों से आम को खाया जाता है. स्वाद में शानदार फलों के राजा आम को खाने से कुछ लोगों प्रॉब्लम्स भी होती हैं. आम खाने में टेस्टी लगता है लेकिन इससे पिंपल्स, वजन बढ़ने, शुगर का बढ़ना और एसिडिटी का डर भी बना रहता है. आयुर्वेद के मुताबिक हमें वात, कफ और पित्त दोष को ध्यान में रखते हुए चीजें खानी चाहिए.

Ayurvedic Tips for Mango: न निकलेंगे दाने, न शुगर डर! आम को खाने के कारगर आयुर्वेदिक तरीका
Ayurvedic Tips for Mango: न निकलेंगे दाने, न शुगर डर! आम को खाने के कारगर आयुर्वेदिक तरीका

आयुर्वेद में चीजों को भीगोकर खाना सबसे अच्छा बताया गया है. आम की तासीर गर्म होती है इसलिए इसे सीधे खाने से पेट में गर्मी बन सकती है. इस आर्टिकल में जानें आप आम को और किन-किन तरीकों से खाकर एक्ने-पिंपल्स, शुगर स्पाइक और एसिडिटी जैसी प्रॉब्लम्स से कैसे बच सकते हैं.

आम के तत्व (प्रति 100 ग्राम) । Nutritional value of Mangoes

कैलोरी: 60

कार्बोहाइड्रेट: 15 ग्राम

नेचुरल शुगर: 13-14 ग्राम

फाइबर: 1.52 ग्राम

प्रोटीन: 0.8 ग्राम

फैट: 0.4 ग्राम

आम में विटामिन्स । Vitamins in Mangoes

विटामिन्स की बात करें तो इसमें विटामिन सी होता है जो इम्युनिटी मजबूत करता है. विटामिन ए (आंखों के लिए), विटामिन ई (स्किन हेल्थ के लिए), विटामिन के (ब्लड क्लॉटिंग में हेल्प), विटामिन बी6 ( दिमाग और मेटाबॉलिज्म के लिए जरूरी) और विटामिन बी9 यानी फोलेट जैसे विटामिन भी आम में होते हैं. ये पोटेशिमय से भरपूर होता है इसलिए इससे ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद मिलती है. ये मैग्नीशियम और कॉपर रिच भी होता है. इसके अलावा इसमें एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं जिनमें बीटा-कैरोटीन, मैंगिफेरिन और क्वेरसेटिन का नाम शामिल है.

गर्मी में आम को खाने के सही तरीके । Right way of Mango eating

खाने से पहले भिगोएं- आयुर्वेद कहता है कि आम को खाने से पहले 2 से 3 घंटे के लिए भिगो दें. इस तरह इसमें फाइटिक एसिड (anti-nutrient) कम होता है, जो आयरन, जिंक और कैल्शियम के अवशोषण को रोकता है. दरअसल, इससे आम की गर्मी तासीर कम होती है और आप पिंपल्स, स्किन प्रॉब्लम, और पेट की दिक्कतों से बच पाते हैं.

आम को अकेले खाएं- कुछ लोग आम को खाने के साथ खाते हैं जबकि हमें ऐसी गलती भूल से भी नहीं करनी चाहिए. कहते हैं कि लंच या डिनर में आम को साथ खाने से पेट में फर्मेंटेशन हो सकता है. इस कारण आपको पिंपल्स, ब्लोटिंग और पाचन की समस्या हो सकती है. आप चाहे तो खाने से एक घटां पहले या खाने के 2 से 3 घंटे बाद इस मीठे फल को खा सकते हैं.

तुलसी के बीजों के साथ- आम की तासीर को नेचुरली कम करने के लिए आप इसके साथ तुलसी के बीज यानी सब्जा को खा सकते हैं. तुलसी के बीजों की तासीर ठंडी होती है और ये हमें पेट की समस्याओं से भी बचाते हैं. इन बीजों में फाइबर काफी होता है और ये पित्त की समस्या को भी कम करते हैं.

शुगर स्पाइक होने से कैसे बचाएं- अगर आप डायबिटीज को लेकर अलर्ट हैं तो तब ही आम को खा सकते हैं. शुगर के मरीजों को कम मात्रा में इसे खाना चाहिए. इसके अलावा इसे बादाम जैसे हेल्दी फैट्स के साथ लें. डायबिटीज के मरीजों को इसे दिन के समय खाना चाहिए. ऐसे लोग खाली पेट या रात में सोते समय इसे खाने से बचें.

आम को काटकर खाना सही- अगर आप आम का जूस निकालकर या इसका मैंगो शेक पीने के आदी हैं तो इस आदत को अभी से छोड़ दें. जूस निकालकर खाने से इसके फाइबर को नुकसान होता है. कहते हैं कि इस वजह से शुगर तेजी से बढ़ती है और वजन बढ़ने की शिकायत भी होती है. क्योंकि आप मैंगों शेक में दूध की ज्यादा मात्रा को भी पीते हैं. लोग शेक को बनाते समय इसमें सफेद चीनी भी डालते हैं. फल और दूध के कॉम्बिनेशन से पाचन शक्ति पर भी बुरा असर पड़ता है.

khabarmonkey@gmail.com

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