Tamil Nadu Express Murder Case: उत्तर प्रदेश में आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर पांच अगस्त को तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच में लाल रंग के ट्रॉली बैग में एक महिला का शव मिला था. मृतका की पहचान ओडिशा की रहने वाली 38 वर्षीय हयातुन निशा के रूप में की गई थी. अब इस हत्या के मामले को सुलझा लिया गया है. इस मामले में 22 साल के मणिकउद्दीन लश्कर नाम के व्यक्ति और भगवती मांझी नाम की महिला को मणिपुर से गिरफ्तार किया गया है.

जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपी पतिपत्नी हैं. मृतक महिला मणिकउद्दीन लश्कर की प्रेमिका बताई जा रही है. जांच में पता चला है कि शव को बैग में रखकर तमिलनाडु एक्सप्रेस के जरिए आगरा भेजा गया था. पांच अगस्त को जब तमिलनाडु एक्सप्रेस आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पहुंची तो यात्रियों को एक लाल रंग के ट्रॉली बैग से खून रिसता नजर आया. फिर इसकी सूचना रेलवे प्रशासन और जीआरपी को दी गई.
महिला के शव के 18 टुकड़े मिले
सूचना मिलने पर रेलवे प्रशासन, जीआरपी और आरपीएफ मौके पर पहुंची. इसके बाद बैग खोला गया तो उसमें महिला के शव के करीब 18 टुकड़े मिले, जोकि पॉलीथिन में पैक किए गए थे. इसके बाज जीआरपी ने मामले की जांच शुरू की. ट्रेन के रूट में आने वाले स्टेशनों से संपर्क साधा गया और बैग के स्रोत का पता लगाने की कोशिश शुरू की गई.
जांच के दौरान पुलिस ट्रॉली बैग चेन्नई रेलवे स्टेशन से तमिलनाडु एक्सप्रेस में रखे जाने की बात पता चली. इसके बाद चेन्नई सेंट्रल स्टेशन की करीब 350 सीसीटीवी की फुटेग खंगाली गई. फुटेज में दो आरोपी ट्रॉली बैग को ट्रेन में रखते नजर आए. इसके बाद दोनों आरोपी चेन्नई से मणिपुर चले गए. जांच में पता चला है कि हयातुन निशा और मणिकउद्दीन के बीच प्रेम संबंध थे.
आरोपी पत्नी और प्रेमिका दोनों के साथ रहता था
मणिकउद्दीन अपनी पत्नी और हयातुन दोनों के साथ रह रहा था. किसी बात को लेकर दोनों में विवाद हुआ, जिसके बाद हयातुन निशा की हत्या की साजिश रची गई. मणिकउद्दीन पर आरोप है कि उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया. फिर शव को अलगअलग हिस्सों में कर कुछ हिस्से ट्रॉली बैग में रखे और उन्हें ट्रेन के जरिए आगरा भेज दिया.
मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंका देने वाली बातें सामने आई हैं. मृतका की हाथ, पैर और पसलियों को सब्जी और आटे के साथ पकाया गया. महिला के शव को कटर से काटा गया. फिर उसके छोटेछोटे टुकड़े किए गए. इसके बाद टुकड़ों को बैग में भरा गया. आगरा कैंट जीआरपी ने मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था. फिर चेन्नई पुलिस को जांच ट्रांसफर कर दी गई.