गुरुवार, 3 सितंबर 2026 ब्रेकिंग
UP Doctors Dismissed: उत्तर प्रदेश में 26 डॉक्टर बर्खास्त, 9 के खिलाफ होगी विभागीय कार्रवाई, ड्यूटी से गायब रहने और इलाज में लापरवाही पर एक्शन​ | नोएडा मजदूर आंदोलन: HC के फैसले के बाद आकृति चौधरी केस में कौन भरेगा जुर्माना?​ | अफगानिस्तान सीरीज से पहले Team India पर बड़ा संकट, 4 स्टार खिलाड़ियों की जगह पर लटकी तलवार​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

नोएडा मजदूर आंदोलन: HC के फैसले के बाद आकृति चौधरी केस में कौन भरेगा जुर्माना?​

नोएडा में अप्रैल में श्रमिकों का आंदोलन हुआ था. इस मामले में आकृति चौधरी पर एनएसए लगाया था. आरोप था कि उन्होंने आंदोलन को भड़काया. इसके खिलाफ आकृति ने इलाहाबाद हाई कोर्ट का रुख किया, जहां उन्हें बड़ी राहत मिली. कोर्ट ने NSA डिटेंशन रद्द करने के साथ ही उन्हें 5 लाख रुपये मुआवजा देने […]

नोएडा में अप्रैल में श्रमिकों का आंदोलन हुआ था. इस मामले में आकृति चौधरी पर एनएसए लगाया था. आरोप था कि उन्होंने आंदोलन को भड़काया. इसके खिलाफ आकृति ने इलाहाबाद हाई कोर्ट का रुख किया, जहां उन्हें बड़ी राहत मिली. कोर्ट ने NSA डिटेंशन रद्द करने के साथ ही उन्हें 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया. अब सवाल है कि ये 5 लाख रुपये कौन देगा? इसका जवाब आकृति के वकील राजवेंद्र सिंह ने दिया है.

आकृति के वकील राजवेंद्र सिंह ने बताया, वो एलएलबी फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट है. नोएडा में अप्रैल में जो मजदूरों का आंदोलन हुआ था, उसमें आकृति पर आरोप है कि उन्होंने आंदोलन को भड़काया. जबकि आकृति शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल थी. जब तोड़फोड़ की घटना हुई तब वो आंदोलन में शामिल ही नहीं थी. उन पर एनएसए लगाया गया, जिसे हमने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी.

उन्होंने बताया, कोर्ट ने सुनवाई की और राज्य से कुछ कागजात मांगे थे लेकिन राज्य सरकार की ओर से कोई ऐसा सबूत नहीं मिला, जिससे उन पर आरोप सिद्ध होते हों. लिहाजा कोर्ट ने डिटेंशन ऑर्डर रद्द कर दिया. साथ ही सरकार से 5 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है. ये मुआवजा नोएडा डीएम और जिन पुलिस अधिकारियों की रिकमेंडेशन पर एनएसए लगाया गया उनसे वसूला जाएगा.

कोर्ट ने क्या कहा?

हाई कोर्ट ने राज्य की ओर से पेश की गई कहानी और आकृति के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर सवाल उठाए. कोर्ट ने पूछा, आखिर ऐसा कौन सा वीडियो साक्ष्य है, जिससे साबित होता है कि आकृति ने प्रदर्शनकारियों को पत्थरबाजी या आगजनी के लिए उकसाया था. इसे साबित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से ऐसा कोई साक्ष्य पेश नहीं किया जा सका. आखिरकार कोर्ट ने NSA के तहत की गई हिरासत को रद्द कर दिया और 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया.

अफसरों की जेब से पैसा क्यों?

कोर्ट का ये आदेश इसलिए काफी अहम है क्योंकि मुआवजे की जिम्मेदारी सीधे प्रशासनिक अधिकारी के वेतन से जोड़ने की बात सामने आई है. इसका साफ संदेश है कि अगर किसी नागरिक की स्वतंत्रता पर कार्रवाई कानून और प्रक्रिया के मुताबिक नहीं हुई तो उसकी जिम्मेदारी सिर्फ सिस्टम की नहीं मानी जाएगी, बल्कि संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हो सकती है.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY