Pilibhit News: पीलीभीत के दियोरिया कलां कोतवाली क्षेत्र के बढ़ेपुरा कुसुमा गांव से हरियाणा मजदूरी करने जा रहे 5 लोगों की सड़क हादसे में मौत हो गई. हादसा हरियाणा के खरखौदा बस अड्डे के पास हुआ. यहां मजदूरों से भरी ईको कार एक ट्रक से टकरा गई. हादसे में कार चालक समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि सात मजदूर घायल हो गए. घायलों को इलाज के लिए रोहतक स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हादसे की खबर गांव पहुंचते ही मृतकों के घरों में चीखपुकार मच गई.

बढ़ेपुरा कुसुमा गांव के 11 मजदूर हरियाणा के झज्जर में बाजरे की कटाई का काम करने के लिए निकले थे. उनके साथ ग्राम सुजनी निवासी चालक आरिफ भी था. सभी बुधवार रात ईको कार से हरियाणा के लिए रवाना हुए थे. मजदूरों का मकसद हरियाणा पहुंचकर कुछ दिनों तक मजदूरी करना और परिवार के लिए रोजीरोटी कमाना था, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने परिवारों की खुशियां मातम में बदल दीं.
खरखौदा के पास हुआ भीषण हादसा
बताया गया कि गुरुवार तड़के करीब 4 बजे हरियाणा के खरखौदा बस अड्डे के पास ईको कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई. कार की ट्रक से जोरदार टक्कर हुई. हादसा इतना भीषण था कि पांच लोगों की जान चली गई. मृतकों की पहचान रामनरेश , अग्रवाल , सुशील कुमार , मेवाराम और कार चालक आरिफ के रूप में हुई है. हादसे में सात अन्य मजदूर घायल हुए हैं.
7 मजदूर अस्पताल में भर्ती
हादसे में प्रमोद , संजीव , पातीराम , महेंद्र पाल , हरीशंकर , विवेक और खुशाली राम घायल हुए हैं. सभी को रोहतक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है. घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतकों के परिजन हरियाणा के लिए रवाना हो गए हैं. परिवार के लोगों का रोरोकर बुरा हाल है.
गांव पहुंचे डीएम और एसपी
हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन भी सक्रिय हुआ. डीएम और एसपी सुकीर्ति ने गांव पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया. प्रशासन की ओर से हादसे से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है. पांचों शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा. हादसे के कारणों की भी जांच की जा रही है.
रोजीरोटी कमाने निकले थे, घर लौटीं मौत की खबरें
मजदूर परिवारों के लिए यह हादसा बेहद दर्दनाक है. सभी लोग अपने परिवार का पेट पालने के लिए हरियाणा में काम करने जा रहे थे, लेकिन खरखौदा के पास हुए हादसे ने पांच परिवारों को गहरा सदमा दिया है. गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजन अपनों के शवों के आने का इंतजार कर रहे हैं.