उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में पुलिस ने नशा तस्करी के एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसे परिवार के ही लोग मिलकर ऑपरेट कर रहे थे. पुलिस ने इनके ठिकानों पर दबिश देकर गांजा, चरस और स्मैक समेत लाखों रुपये कीमत का नशीला पदार्थ और करीब 33 हजार रुपये की नगदी जब्त की है. पुलिस ने यह कार्रवाई यक्ष ऐप पर अपराधियों की मैपिंग के दौरान मिले इनपुट के आधार पर की है.

पुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क का मास्टर माइंड मझोला थाना क्षेत्र के जयंतीपुर में रहने वाले कांता प्रसाद है. वहीं उसकी मां कविता और पत्नी रानी उसकी पार्टनर है. पुलिस की जांच में पाया गया है कि यह तीनों ही हिस्ट्रीशीटर हैं और नशा तस्करी के 88 मामले पहले से इनके खिलाफ दर्ज हैं और तीनों ही जेल जा चुके हैं. बावजूद इसके जमानत पर छूटने के बाद इन्होंने नशा तस्करी का काम जारी रखा.
हाल ही में जेल से छूटा है आरोपी
पुलिस के मुताबिक गिरोह का मास्टर माइंड कांता प्रसाद हाल ही में जेल से छूटकर बाहर आया है. बाहर आते ही वह एक बार फिर से नशा तस्करी के धंधे में सक्रिय हो गया था. पुलिस ने अपराधियों का डेटा रखने वाले ‘यक्ष ऐप’ के माध्यम से अपराधियों के सत्यापन के दौरान उसके गिरोह को चिनहित किया और जांच किया तो उसके नेटवर्क का खुलासा हुआ. इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर कांता प्रसाद के साथ ही उसकी मां कविता और पत्नी रानी को भी अरेस्ट किया है.
पुलिस से बचने के लिए किए थे इंतजाम
कांता और उसके परिवार के लोग बेहद शातिर तरीके से इस गैंग को ऑपरेट कर रहे थे. इन्होंने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए घर के बाहर चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे थे. जब नशे की खेप इनके घर में होती थी तो आरोपी सीसीटीवी कैमरों से बाहर नजर रखते थे. पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है. अब पुलिस इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य सप्लायरों की तलाश शुरू कर दी है.
लाखों की खेप बरामद
एसपी सिटी मुरादाबाद कुमार रणविजय सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों के पास से 15 ग्राम चरस और 4.5 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है. जिसकी कुल कीमत करीब 4 लाख रुपये है. उन्होंने बताया कि नशा तस्करी को अरोपियों ने कुटीर उद्योग बना रखा था. अब पुलिस इन्हें माल सप्लाई करने वाले और इनसे माल खरीदने वालों का सत्यापन कर रही है. जल्द ही इनकी भी गिरफ्तारी होगी.