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कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवा से क्यों होता है मांसपेशियों में दर्द? रिसर्च से जानिए कारण

कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवा से क्यों होता है मांसपेशियों में दर्द? रिसर्च से जानिए कारण

दिल की बीमारियों से बचाव के लिए दुनिया भर में करोड़ों लोग स्टैटिन (Statins) दवाओं का सेवन करते हैं। ये दवाएं खराब कोलेस्ट्रॉल यानी LDL को कम करके हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को घटाने में मदद करती हैं। लेकिन करीब 10 प्रतिशत लोगों में इन दवाओं के कारण मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी, ऐंठन और थकान जैसे साइड इफेक्ट्स देखने को मिलते हैं। अब अमेरिका के शोधकर्ताओं ने इस समस्या के पीछे एक संभावित कारण खोजा है, जिससे दशकों पुरानी मेडिकल पहेली को समझने में मदद मिल सकती है।

कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवा से क्यों होता है मांसपेशियों में दर्द? रिसर्च से जानिए कारण
कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवा से क्यों होता है मांसपेशियों में दर्द? रिसर्च से जानिए कारण

हाल ही में Journal of Clinical Investigation में प्रकाशित एक अध्ययन में अमेरिका की Columbia University और University of Rochester के शोधकर्ताओं ने पाया कि स्टैटिन दवाएं मांसपेशियों की कोशिकाओं में कैल्शियम के रिसाव का कारण बन सकती हैं। अध्ययन के प्रमुख लेखक और कार्डियोलॉजिस्ट Andrew Marks के अनुसार यही प्रक्रिया कई मरीजों में मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी और दूसरे साइड इफेक्ट की वजह बन सकती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस खोज से उन लोगों की पहचान करने और बेहतर इलाज विकसित करने में मदद मिल सकती है, जो स्टैटिन दवाओं को सहन नहीं कर पाते।

स्टैटिन दवाएं कैसे काम करती हैं?

स्टैटिन दवाएं लिवर में कोलेस्ट्रॉल बनाने वाले एक एंजाइम को ब्लॉक करती हैं। इससे खून में खराब LDL कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है और धमनियों में चर्बी जमा होने का खतरा घटता है। इसी वजह से ये दवाएं हृदय रोग और एथेरोस्क्लेरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। अमेरिका की Columbia University और University of Rochester के वैज्ञानिकों ने पाया कि स्टैटिन दवाएं मांसपेशियों की कोशिकाओं में मौजूद RyR1 नामक कैल्शियम चैनल को प्रभावित कर सकती हैं। यह चैनल सामान्य रूप से कैल्शियम के प्रवाह को नियंत्रित करता है, जो मांसपेशियों के संकुचन और कार्य के लिए जरूरी होता है। लेकिन स्टैटिन इस चैनल को जरूरत से ज्यादा खुला रख सकती हैं, जिससे कैल्शियम का रिसाव शुरू हो जाता है।

मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी

शोधकर्ताओं के अनुसार, जब मांसपेशियों की कोशिकाओं में लगातार कैल्शियम रिसने लगता है तो मांसपेशियों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके कारण मरीजों में कुछ समस्याएं देखी जा सकती हैं जैसे

लगातार मांसपेशियों में दर्द, शरीर में कमजोरी, मांसपेशियों में कोमलता या संवेदनशीलता, बार-बार ऐंठन होना। इसी स्थिति को Statin-Associated Muscle Symptoms (SAMS) कहा जाता है। एक्सपर्ट के अनुसार, दुर्लभ लेकिन गंभीर मामलों में स्टैटिन दवाओं के कारण रैबडोमायोलिसिस (Rhabdomyolysis) नामक स्थिति विकसित हो सकती है। इसमें मांसपेशियों के ऊतक टूटने लगते हैं और उनके कण रक्त में पहुंच जाते हैं। यह स्थिति किडनी फेल होने जैसी जानलेवा समस्या का कारण बन सकती है।

बढ़ सकता है सांस लेने की समस्या का खतरा

शोध में पाया गया कि जिन लोगों में RyR1 जीन से जुड़ी कुछ जेनेटिक प्रोब्लम होती हैं उनमें यह समस्या अधिक गंभीर हो सकती है। ऐसे लोगों में डायाफ्राम की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं, जिससे फेफड़ों की कार्यक्षमता प्रभावित होने और सांस संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

बढ़ सकता है ऑटोइम्यून मांसपेशी रोग का खतरा

कुछ दुर्लभ मामलों में स्टैटिन दवाओं के सेवन से ऑटोइम्यून-मीडिएटेड नेक्रोटाइजिंग मायोसाइटिस (Autoimmune-Mediated Necrotizing Myositis) नामक बीमारी भी हो सकती है। इस स्थिति में शरीर की इम्यूनिटी गलती से अपनी ही मांसपेशियों पर हमला करने लगती है, जिससे मांसपेशियों के ऊतक नष्ट होने लगते हैं।

कितने लोगों को प्रभावित करती है यह समस्या?

शोधकर्ताओं के मुताबिक, केवल अमेरिका में ही लगभग 4 करोड़ लोग स्टैटिन दवाएं लेते हैं। इनमें से करीब 10 प्रतिशत लोगों को मांसपेशियों से जुड़े साइड इफेक्ट्स का सामना करना पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यही सबसे बड़ी वजह है जिसके कारण कई मरीज स्टैटिन दवाएं लेना बंद कर देते हैं।

भविष्य में क्या मिल सकता है समाधान?

शोधकर्ताओं ने दो संभावित समाधान सुझाए हैं। पहला, ऐसी नई स्टैटिन दवाएं विकसित की जाए जो कोलेस्ट्रॉल को कम करें लेकिन RyR1 चैनल को प्रभावित न करें।
दूसरा, Rycal नामक एक प्रायोगिक दवा पर शोध किया जा रहा है। पशुओं पर किए गए परीक्षणों में इस दवा ने कैल्शियम रिसाव को रोकने और मांसपेशियों की कमजोरी कम करने में मदद दिखाई है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि मांसपेशियों में दर्द के सभी मामलों के पीछे स्टैटिन वजह नहीं हो सकती। लेकिन यदि यह कारण कुछ मरीजों में भी जिम्मेदार है, तो भविष्य में ऐसे लोगों की पहचान कर उनके लिए बेहतर इलाज विकसित किया जा सकता है।

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डिस्क्लेमर: यह लेख एक वैज्ञानिक अध्ययन पर आधारित है। यदि आप स्टैटिन या किसी अन्य दवा का सेवन कर रहे हैं और किसी प्रकार के साइड इफेक्ट का अनुभव कर रहे हैं, तो दवा बंद करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

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