लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सरकारी अधिवक्ताओं को बड़ी सौगात देते हुए उनकी रिटेनरशिप और बहस फीस में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। करीब एक दशक बाद फीस में हुई इस वृद्धि से जिला न्यायालय से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक सरकार की पैरवी करने वाले वकीलों को सीधा लाभ पहुँचेगा। इस फैसले को प्रदेश के अधिवक्ता समुदाय ने ऐतिहासिक करार देते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया है।
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महाधिवक्ता समेत पूरे समुदाय ने जताया आभार
लंबे समय से सरकारी अधिवक्ताओं की फीस में संशोधन की माँग उठ रही थी। मुख्यमंत्री की इस मंजूरी के बाद महाधिवक्ता कार्यालय से लेकर जिला शासकीय अधिवक्ताओं तक सभी को इसका लाभ मिलेगा। अधिवक्ता संगठनों का कहना है कि इस फैसले से न केवल न्यायिक प्रक्रिया में सरकारी पक्ष की पैरवी और मजबूत होगी, बल्कि युवा अधिवक्ताओं को भी सरकारी कार्यों में आगे आने का प्रोत्साहन मिलेगा। इस निर्णय को योगी सरकार के कार्यकाल में न्यायिक क्षेत्र में किए गए सबसे बड़े सुधारों में से एक माना जा रहा है।












