Entertainment

एक जवाब ने बदली किस्मत, क्या था वो सवाल जिसने गोवा की साध्वी सैल को बना दिया फेमिना मिस इंडिया 2026?

61वें ब्यूटी पेजेंट में जब विनर का ऐलान हुआ, तो सबकी नजरें गोवा की कंटेस्टेंट साध्वी सतीश सैल पर टिक गईं. शानदार कॉन्फिडेंस, सधी हुई बॉडी लैंग्वेज और दमदार जवाबों के दम पर उन्होंने फेमिना मिस इंडिया 2026 का खिताब अपने नाम किया. ग्रैंड फिनाले में देशभर से आई 30 कंटेस्टेंट्स के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, लेकिन साध्वी ने अपनी पर्सनैलिटी और सोच से जज कर रहे सभी को सबसे ज्यादा प्रभावित किया. उनकी जीत के बाद सोशल मीडिया पर लोग जानना चाहते हैं कि आखिर साध्वी कौन हैं और ऐसा कौन सा सवाल था, जिसने उन्हें ये ताज दिलाया.

एक जवाब ने बदली किस्मत, क्या था वो सवाल जिसने गोवा की साध्वी सैल को बना दिया फेमिना मिस इंडिया 2026?
एक जवाब ने बदली किस्मत, क्या था वो सवाल जिसने गोवा की साध्वी सैल को बना दिया फेमिना मिस इंडिया 2026?

साध्वी सैल की बात करें, तो वो गोवा की रहने वाली हैं और उन्होंने इकोनॉमिक्स और इंटरनेशनल रिलेशंस में पढ़ाई की है. उनकी खासियत सिर्फ खूबसूरती नहीं, बल्कि उनका ज्ञान और आत्मविश्वास भी है. बताया जाता है कि उन्हें सात भाषाओं का ज्ञान है, जिन्हें वो बोल और लिख सकती हैं. इस शो में जीत हासिल करने के बाद अब वो मिस वर्ल्ड 2027 में भारत को रिप्रेजेंट करेंगी. इस कंटेस्टेंट में महाराष्ट्र की राजनंदिनी पवार को फर्स्ट रनर अप और यूनियन टेरिटरी की श्री अद्वैता को सेकंड रनर अप अनाउंस किया गया.

क्या पूछा गया था सवाल?

फाइनल राउंड में साध्वी से पूछा गया कि इंस्टेंट फेम ज्यादा जरूरी है या लोगों पर असर डालना. इस पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा, ‘उनके लिए तुरंत मिलने वाली पॉपुलैरिटी से ज्यादा लोगों की जिंदगी पर असर डालना जरूरी है. उन्होंने कहा कि असली मायने ये रखते हैं कि आप कितने लोगों की जिंदगी को छू पाते हैं और उनके चेहरे पर मुस्कान ला पाते हैं. साध्वी ने बताया कि सिर्फ दिखने या मशहूर होने से ज्यादा जरूरी है दूसरों की मदद करना और उन्हें आगे बढ़ने का मौका देना.’

View this post on Instagram

A post shared by Miss World (@missworld)

बताई खुद अपनी कमी

काम की बात करें तो साध्वी सैल की दिलचस्पी इकोनॉमिक्स और इंटरनेशनल रिलेशंस में रही है, जिससे दुनिया को समझने की उनकी जिज्ञासा साफ नजर आती है. हालांकि, उनके सफर में चुनौतियां भी कम नहीं रहीं. नॉर्मल फैमिली से आने वाली साध्वी ने बताया कि उनकी सबसे बड़ी रुकावट उनका खुद का सोचने का तरीका था. वो अक्सर दूसरों की उपलब्धियां देखकर खुद पर शक करने लगती थीं और अपने सपनों व काबिलियत पर सवाल उठाने लगती थीं. लेकिन धीरे धीरे उन्होंने इस सोच से बाहर निकलकर खुद पर भरोसा करना सीखा और आगे बढ़ती गईं.

khabarmonkey@gmail.com

Leave a Reply