White Hair Problem In Children : उम्र के साथ बालों का सफेद होना आम बात है। जब यह समय से पहले सफेद होने लगे तो यह चिंता का विषय बन जाता है। खासतौर पर बच्चों के बाल सफेद होने लगे हैं तो ऐसे में पेरेंट्स की चिंता बढ़ना लाजमी है। अगर आपके बच्चे के बाल सफेद होने लगे हैं, तो ऐसे में यह खबर आपके लिए मददगार हो सकता है।

बच्चों के बाल सफेद होने के क्या कारण हैं?
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शरीर में पोषक तत्वों की कमी
बच्चों के बाल सफेद होने की मुख्य वजह शरीर में बताया जाता है। डॉक्टर बताते हैं, अगर बच्चे के शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स नहीं मिल रहे हैं, तो इसका असर सबसे पहले बालों और स्किन पर दिखाई देता है। खासतौर पर विटामिन बी12, आयरन, कॉपर, जिंक और प्रोटीन की कमी बालों को सफेद करने में अहम भूमिका निभाती है।
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स्ट्रेस और नींद की कमी
एक्सपर्ट्स के अनुसार, मौजूदा समय में छोटे बच्चे भी पढ़ाई का दबाव, ज्यादा स्क्रीन टाइम और परफॉर्मेंस का प्रेशर झेल रहे है। इन वजहों से तनाव बढ़ता है और नींद पूरी नहीं हो पाती, जिससे बाल सफेद हो सकते है।
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जेनेटिक कारण
बच्चों में बालों का समय से पहले सफेद होना कई कारणों से हो सकता है। सबसे सामान्य कारण आनुवंशिकी या पारिवारिक इतिहास है। अगर माता-पिता या परिवार के अन्य सदस्यों में बाल जल्दी सफेद हो जाते हैं, तो बच्चे में भी यह समस्या हो सकती है।
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केमिकल शैम्पू का इस्तेमाल
इन सब से अलग पीडियाट्रिशियन कहते हैं, कई बार पेरेंट्स बच्चों के बालों में बड़े लोगों वाले केमिकल युक्त शैम्पू का इस्तेमाल कर देते है। इससे भी बालों का नेचुरल कलर जल्दी खराब हो सकता है।
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हार्मोनल असंतुलन हो सकता है
थायरॉइड और हार्मोनल असंतुलन भी बालों को समय से पहले सफेद कर सकते हैं। थायरॉइड की समस्या से मेटाबोलिज्म धीमा होता है और बालों का स्वास्थ्य प्रभावित होता है।
कैसे करें बचाव
से बचाव के लिए बच्चों के खानपान और दिनचर्या पर खास ध्यान देना जरूरी है। उनकी डाइट में हरी सब्जियां, फल, दूध, दाल और प्रोटीन से भरपूर चीजें शामिल करें, ताकि शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व मिल सकें। बच्चों को पर्याप्त नींद दिलाएं और तनाव से दूर रखने की कोशिश करें।
साथ ही, केमिकल वाले प्रोडक्ट्स से बचें और बालों की साफ-सफाई का ध्यान रखें। समय-समय पर डॉक्टर से चेकअप करवाना भी फायदेमंद हो सकता है, ताकि किसी भी कमी या समस्या का समय पर पता चल सके।





