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Weight Loss: फैट बर्न और कैलोरी बर्न में क्या है फर्क, वजन घटाने से पहले इसे समझें

वजन घटाने के लिए आजकल कई तरीके आजमाए जाते हैं. महंगे डाइट प्लान के अलावा मॉडर्न फिजिकल एक्टिविटी की मार्केट में भरमार है. वेट लॉस के कई ट्रेंड्स हैं जिनमें फैट और कैलोरी बर्न भी शामिल है. फैट और कैलोरी बर्न को लेकर कई मिथक हैं जिन पर लोग आसानी से भरोसा कर लेते हैं. ऐसा भी जानने की कोशिश की जाती है कि फैट बर्न और कैलोरी बर्न में फर्क क्या है? दरअसल, ज्यादातर लोग इन दोनों तरीकों को एक ही मानने की गलती करते हैं. इस आर्टिकल में हम आपको एक्सपर्ट के जरिए बताने जा रहे हैं कि आखिर कैलोरी बर्न और फैट बर्न में फर्क क्या होता है?

Khabar Monkey

Weight Loss: फैट बर्न और कैलोरी बर्न में क्या है फर्क, वजन घटाने से पहले इसे समझें
Weight Loss: फैट बर्न और कैलोरी बर्न में क्या है फर्क, वजन घटाने से पहले इसे समझें

ऐसा माना जाता है कि शरीर में अगर कैलोरी बर्न होगी तो हमारा वजन भी घटने लगता है. क्या ऐसा सोचना सही है? चलिए आपको एक्सपर्ट के जरिए बताते हैं कि इन दोनों तरीकों में कितना फर्क है और इस दौरान हमें किन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए.

कैलोरी और फैट बर्न में फर्क एक्सपर्ट से जानें

क्या होता है कैलोरी बर्न

डॉ. अंजलि तिवारी (सीनियर कंसल्टेंट – डाइट एंड न्यूट्रीशन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, कानपुर) कहती हैं कि वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के बीच फैट बर्न और कैलोरी बर्न शब्द अक्सर सुनने को मिलते हैं, लेकिन दोनों का मतलब अलग होता है.

एक्सपर्ट के मुताबिक कैलोरी शरीर को मिलने वाली ऊर्जा की इकाई है और हमारा शरीर हर समय कैलोरी बर्न करता रहता है, चाहे हम चल रहे हों, सो रहे हों या एक्सरसाइज कर रहे हों.

क्या है फैट बर्न

डॉ. अंजलि ने बताया फैट बर्न का मतलब शरीर में जमा एक्स्ट्रा फैट का धीरे-धीरे कम होना है. कई लोग मान लेते हैं कि ज्यादा पसीना आने, लंबे समय तक जिम करने या भारी कार्डियो करने से तेजी से फैट कम हो रहा है, जबकि शुरुआत में शरीर ऊर्जा के लिए पहले कार्बोहाइड्रेट यानी ग्लाइकोजन का इस्तेमाल करता है.

जब शरीर लगातार कैलोरी डेफिसिट में रहता है और संतुलित डाइट व नियमित एक्सरसाइज फॉलो की जाती है, तब शरीर स्टोर फैट का इस्तेमाल करना शुरू करता है. यही वजह है कि सिर्फ वेट मशीन पर कम नंबर दिखना हमेशा फैट लॉस का संकेत नहीं होता.

हो सकती हैं ये समस्याएं

कई बार क्रैश डाइट, भूखे रहना या जरूरत से ज्यादा वर्कआउट करने से शरीर में पानी और मांसपेशियां कम होने लगती हैं, जिससे कमजोरी, थकान और मेटाबॉलिज्म स्लो होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. स्वस्थ तरीके से वजन घटाने के लिए जरूरी है कि प्रोटीन, फाइबर और संतुलित पोषण लिया जाए, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और कार्डियो दोनों किए जाएं और पर्याप्त नींद ली जाए.

मोटापा घटाने का सही लक्ष्य सिर्फ जल्दी वजन कम करना नहीं बल्कि शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम करके फिटनेस और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाना होना चाहिए, तभी रिजल्ट लंबे समय तक टिकाऊ और सुरक्षित रहते हैं.

khabarmonkey@gmail.com

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