: में विधान परिषद चुनाव के चलते शराब की बिक्री पर रोक लगाई गई है। लखनऊ समेत 72 जिलों में 23 और 27 अक्टूबर को शराब की दुकानें बंद रहेंगी।

बार, मॉडल शॉप, आर्मी कैंटीन में भी नहीं मिलेगी शराब
डीएम ने बताया कि शिक्षक और स्नातक MLC चुनाव के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। इस दौरान बार, मॉडल शॉप और सैन्य कैंटीन में भी शराब की बिक्री बंद रहेगी।
11 सीटों पर होगा मुकाबला
विधान परिषद की कुल 11 सीटों पर शुक्रवार, 23 अक्टूबर को मतदान होगा। इनमें 5 स्नातक खंड और 6 शिक्षक खंड की सीटें शामिल हैं। 27 अक्टूबर को वोटों की गिनती की जाएगी।
कानपुर समेत 3 जिलों में छूट
कानपुर, कानपुर देहात और उन्नाव में आचार संहिता लागू नहीं है। इसलिए इन 3 जिलों में न तो वोटिंग होगी और न ही शराब की दुकानें बंद रहेंगी। कानपुर में स्नातक और शिक्षक MLC चुनाव फरवरी 2023 में हुए थे। इनमें शिक्षक सीट से राजबहादुर सिंह चंदेल और स्नातक सीट से अरुण पाठक जीते थे। उनका कार्यकाल 2029 तक है।
5 स्नातक सीटों पर चुनाव
विधान परिषद की 5 स्नातक सीटों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबादझांसी मंडल शामिल हैं। इनमें वाराणसी और इलाहाबादझांसी सीट पर समाजवादी पार्टी का कब्जा है, जबकि बाकी 3 सीटें बीजेपी के पास हैं।
6 शिक्षक सीटों पर भी मुकाबला
शिक्षक खंड की 6 सीटों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और बरेलीमुरादाबाद खंड की 2 सीटें शामिल हैं। इनमें 3 सीटों पर भाजपा, 1 पर सपा, 1 पर शिक्षक समूह और 1 पर निर्दलीय का कब्जा है।
10 लाख से ज्यादा वोटर करेंगे फैसला
इन चुनावों में 10 लाख से ज्यादा वोटर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। स्नातक सीट के लिए वोटर बनने के लिए डिग्री हासिल किए 3 साल पूरे होना जरूरी है। वहीं, शिक्षक सीट पर संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की वोटर लिस्ट में शामिल शिक्षक ही वोट डाल सकते हैं।
22 से 35 साल के वोटर्स पर नजर
इस बार उम्मीदवारों ने युवाओं, रिटायर्ड कर्मचारियों, भूतपूर्व सैनिकों, महिलाओं और शिक्षकों का बड़े पैमाने पर रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें 22 से 35 साल के युवा वोटर्स की संख्या सबसे ज्यादा है।
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क्या होता है MLC चुनाव?
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्यों को चुनने के चुनाव को MLC इलेक्शन कहते हैं। इसमें स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए प्रतिनिधि चुने जाते हैं। स्नातक सीट पर वोट डालने के लिए संबंधित क्षेत्र की वोटर लिस्ट में नाम होना जरूरी है। इसी तरह शिक्षक सीट पर वोट डालने के लिए भी संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की वोटर लिस्ट में नाम होना चाहिए।
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