Etawah News: उत्तर प्रदेश इटावा में फ्री फायर गेम की आईडी खरीदने के नाम पर बिहार के युवक को बुलाकर 2.60 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है. सिविल लाइन और बढ़पुरा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए पितापुत्र समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से दो तमंचे, एक अधिया बंदूक, चार कारतूस, दो मोबाइल फोन, 850 रुपये नकद और सफेद रंग की अल्टो कार बरामद हुई है. एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने शनिवार दोपहर कार्रवाई की जानकारी दी.

पुलिस के मुताबिक, बिहार के बक्सर जिले के रहने वाले अंशु कुमार ने 15 अक्टूबर को सिविल लाइन थाने में शिकायत दी थी. अंशु का आरोप था कि फ्री फायर गेम की आईडी खरीदने के लिए फोन के जरिए उनसे संपर्क किया गया और उन्हें बिहार से इटावा बुलाया गया. वह अपने दो साथियों के साथ ट्रेन से इटावा पहुंचे. रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद फोन पर बताई गई लोकेशन के आधार पर तीनों जेल के पीछे नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी के आवास के सामने पौधशाला के पास पहुंच गए.
शिकायत के अनुसार, वहां आरोपियों ने अंशु के मोबाइल से गेम की आईडी अपने पास ट्रांसफर करा ली. इसके बदले तय की गई रकम नहीं दी और वहां से चले गए. पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किए.
पुलिस ने घेर कर पकड़ा
मामले में एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देश पर सिविल लाइन और बढ़पुरा थाना पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थीं. 16 और 17 अक्टूबर की रात पुलिस लायन सफारी रोड स्थित ठंडी पुलिया के पास वाहनों की चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान सफेद रंग की कार में सवार तीन लोगों को संदिग्ध मानकर रोका गया. पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया. तलाशी में हथियार, कारतूस, मोबाइल फोन और नकदी बरामद हुई.
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपियों ने गेमिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों से संपर्क करने की बात बताई. वे पुरानी और महंगी गेमिंग आईडी खरीदने का प्रस्ताव देकर लोगों को इटावा बुलाते थे. इसके बाद आईडी अपने मोबाइल में ट्रांसफर कराने के बाद भुगतान किए बिना निकल जाते थे. पुलिस इस मामले में 2.60 लाख रुपये की ठगी की बात बता रही है.
पितापुत्र समेत तीन गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बढ़पुरा थाना क्षेत्र के धमना गांव निवासी देवेंद्र भदौरिया, उनके बेटे ओपेंद्र भदौरिया और बाहुरी गांव निवासी अभिराम के रूप में हुई है. पुलिस ने तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की है. पुलिस के अनुसार, देवेंद्र और ओपेंद्र के खिलाफ पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं. बरामद हथियारों और कार को कब्जे में लेकर पुलिस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है.